Har Ghar Munga Campaign रायपुर/कांकेर :छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार, 27 सितंबर को कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड स्थित ग्राम लामकन्हार के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी सुनी. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया. मुख्यमंत्री साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया.
हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा – स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ का संकल्प।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व और उत्साह का विषय है।
पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा को घर-घर… pic.twitter.com/DsV552BgMw
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 27, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं. छत्तीसगढ़ के प्रयासों का कार्यक्रम में उल्लेख होने से प्रदेश के लोगों को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय स्तर पर चल रही पहलों को पहचान मिलती है.
Har Ghar Munga Campaign:क्या है ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान?
‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उद्देश्य लोगों को मुनगा यानी सहजन (मोरिंगा) के पोषण संबंधी लाभों के प्रति जागरूक करना और प्रत्येक घर में इसका पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना है. राज्य में इस पहल को कुपोषण के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के प्रयास के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुनगा आसानी से उपलब्ध होने वाला पौष्टिक आहार है. इसके पत्तों, फलियों और फूलों का इस्तेमाल भोजन में किया जाता है. इसमें आयरन सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं.
उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने और इसके फायदों के बारे में आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की. अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि परिवारों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है.
छत्तीसगढ़ में इस पहल को महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण संबंधी प्रयासों से जोड़ा गया है. आंगनबाड़ी केंद्रों और स्थानीय समुदायों के माध्यम से लोगों को मुनगा के उपयोग तथा पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
लामकन्हार में 85 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा
घोषित विकास कार्यों का विवरण इस प्रकार है:
विकास कार्य | घोषित राशि |
|---|---|
शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन | ₹15 लाख |
प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन | ₹37 लाख |
छोटे पारा में सीसी रोड | ₹18 लाख |
एकलव्य विद्यालय में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला | ₹15 लाख |
कुल | ₹85 लाख |
इन कार्यों के लिए घोषित राशि का उद्देश्य गांव में शैक्षणिक संसाधनों, आवागमन और सामुदायिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है. स्कूल भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. वहीं, सीसी रोड और सामुदायिक भवन से स्थानीय लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ विकास और समृद्धि के नए अवसर बन रहे हैं. सरकार का जोर दूरदराज और जनजातीय इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने पर है.
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी सुविधाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और स्थानीय लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
लामकन्हार में घोषित 85 लाख रुपये के विकास कार्यों को भी इसी दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, इन घोषणाओं के बाद संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन और निर्धारित समय में पूरा होने पर ग्रामीणों को सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा.
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाया अमरूद का पौधा
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया. उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की.

