चेन्नई। तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) के प्रमुख और पार्टी नेताओं के बयानों के अनुसार, पार्टी ने आगामी राजनीतिक रणनीतियों को तेज कर दिया है। मदुरांतकम विधानसभा उपचुनाव के सिलसिले में आयोजित एक विशाल चुनावी सभा के दौरान टीवीके नेतृत्व ने राज्य की प्रमुख पार्टियों पर जमकर निशाना साधा।
प्रमुख दलों पर अंदरूनी साठगांठ का गंभीर आरोप
चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पार्टी प्रमुख ने डीएमके, भाजपा और एआइएडीएमके पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु की राजनीति में इन तीनों दलों के बीच अंदरूनी समझ और मिलीभगत बनी हुई है, जिसके चलते कई संवेदनशील मामलों में जनता के सामने सच्चाई नहीं लाई जाती है।
भाषण के दौरान ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणि से जुड़े पॉक्सो (POCSO) मामले का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। आरोप लगाया गया कि बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आने के बावजूद उस प्रकरण को दबा दिया गया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले पर डीएमके और एआइएडीएमके दोनों दलों की चुप्पी जनता के सामने कई सवाल खड़े करती है।
भ्रष्टाचार और शासन प्रणाली पर तीखे सवाल
वर्तमान सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए पार्टी ने इसे भ्रष्टाचार में डूबा हुआ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनेता जनता का सेवक होता है, न कि उसका मालिक। सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऋण केवल विकास कार्यों, किसानों के कल्याण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए उपयोग होना चाहिए, न कि भ्रष्टाचार के लिए। इसके अलावा, महिलाओं के खिलाफ होने वाली अभद्र टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए यह संदेश दिया गया कि मातृशक्ति का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
टीवीके उम्मीदवार के पक्ष में मतदान की अपील
मदुरांतकम उपचुनाव में टीवीके के आधिकारिक उम्मीदवार मर्गदम कुमारवेल के समर्थन में जोरदार प्रचार किया गया। इस दौरान मतदाताओं से पार्टी के 'व्हिसल' (सीटी) चुनाव चिह्न पर मुहर लगाकर भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की गई।
पार्टी का दावा है कि आम परिवारों से ताल्लुक रखने वाले लोगों को सत्ता से दूर रखने के लिए पारंपरिक दल वर्षों से आपस में सत्ता बदलते रहे हैं, लेकिन अब तमिलनाडु की जनता बदलाव चाहती है। उप-चुनाव के नतीजों से राज्य की राजनीति में एक नए और सकारात्मक बदलाव का संदेश मिलने की पूरी उम्मीद जताई गई है।

