अफगानिस्तान पर पाक के हमले पर रुस की नसीहत,भड़का तालिबान बोला-‘माकूल जवाब देंगे’

Pakistan Afghanistan Conflict काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए. पाकिस्तान का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ड्रोन को लॉन्च और स्टोर करने के लिए किया जा रहा था. वहीं, अफगान अधिकारियों ने हमलों में चार आम नागरिकों के मारे जाने की बात कही है.

इस ताजा घटनाक्रम के बीच रूस ने भी प्रतिक्रिया दी है. काबुल स्थित रूसी दूतावास ने पूर्वी अफगानिस्तान में हवाई हमलों के दौरान नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की खबरों पर चिंता जताई है. रूस ने दोनों पक्षों से टकराव से बचने और बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने की अपील की है.

Pakistan Afghanistan Conflict:पाकिस्तान ने 10 ठिकानों को बनाया निशाना

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान में उन 10 जगहों को निशाना बनाया, जिनका कथित तौर पर ड्रोन लॉन्च करने और उन्हें रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.

पाकिस्तान का दावा है कि 23 सितंबर को अफगान क्षेत्र से कई ड्रोन उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने आठ ड्रोन को मार गिराया था. इसके बाद पाकिस्तान ने इन हमलों को आत्मरक्षा के तहत की गई कार्रवाई बताया.

हालांकि, पाकिस्तान के दावों के विपरीत अफगान तालिबान ने अपनी सरकार द्वारा पाकिस्तान पर ड्रोन हमले किए जाने से इनकार किया है. यही आरोप-प्रत्यारोप दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा रहे हैं.

अफगानिस्तान में चार नागरिकों की मौत का दावा

अफगान पक्ष ने पाकिस्तानी हमलों पर कड़ी आपत्ति जताई है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, कंधार, पक्तिया और खोस्त समेत कई इलाकों में हमले हुए. अफगान सरकार ने दावा किया कि कार्रवाई में चार आम नागरिकों की मौत हुई है.

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इससे पहले 21 सितंबर को पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक में तीन नागरिकों की मौत की पुष्टि अफगान अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र मिशन ने की थी. पाकिस्तान ने उस कार्रवाई में 28 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था.

रूस ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों को दी नसीहत

ताजा हमले के बाद काबुल स्थित रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार पोस्ट कर अपनी चिंता जाहिर की.

रूसी दूतावास ने कहा कि पूर्वी अफगानिस्तान में हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं. रूस ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

रूस ने किसी एक पक्ष को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने के बजाय दोनों पक्षों से टकराव रोकने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का आग्रह किया है.

तालिबान ने कहा- ‘माकूल जवाब देंगे’

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य बलों ने एक बार फिर अफगानिस्तान के कंधार, पक्तिया और खोस्त प्रांतों में प्रवेश कर हवाई बमबारी की. अफगान पक्ष ने इसे आक्रामक कार्रवाई बताते हुए इसकी निंदा की.

तालिबान सरकार ने कहा है कि वह अपने लोगों को भरोसा दिलाती है कि पाकिस्तान की ऐसी कार्रवाई का ‘माकूल जवाब’ दिया जाएगा.

अफगानिस्तान ने ड्रोन हमले के पाकिस्तानी दावे को नकारा

तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के उस दावे को भी खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि अफगान क्षेत्र से ड्रोन पाकिस्तान भेजे गए थे.

अफगान पक्ष का आरोप है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा समस्याओं और आतंकवादी हमलों के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए सैन्य कार्रवाई कर रहा है. दूसरी ओर, पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ सक्रिय आतंकी समूहों द्वारा किया जा रहा है. काबुल इन आरोपों से इनकार करता है.

क्यों बढ़ रहा है पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव का मुख्य मुद्दा सीमा पार सक्रिय आतंकी समूहों को लेकर है. इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगान क्षेत्र से उसके खिलाफ हमले किए जा रहे हैं और तालिबान सरकार उन नेटवर्क पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रही. काबुल इन आरोपों को खारिज करता है.

सितंबर में लगातार हुई सैन्य कार्रवाइयों ने दोनों देशों के बीच स्थिति को और जटिल बना दिया है. 21 सितंबर की एयर स्ट्राइक के बाद अब 24 सितंबर को 10 ठिकानों पर ताजा हमले की घोषणा हुई है.

ऐसे में रूस की ओर से बातचीत और तनाव कम करने की अपील महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आई है. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अफगानिस्तान की ओर से घोषित जवाब किस रूप में सामने आता है और क्या दोनों देशों के बीच तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जा सकेगा.

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