आयोग-बोर्ड सदस्यों की सैलरी बढ़ी, 50 हाईटेक ड्रोन खरीदने को मंजूरी,बिहार कैबिनेट के 24 बड़े फैसले

Bihar Cabinet Decisions पटना: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 23 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी. बैठक में आयोग, बोर्ड, निगम और समितियों के पदाधिकारियों के वेतन-भत्ते बढ़ाने से लेकर पुलिस आधुनिकीकरण, दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, डेयरी विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण तक कई फैसले लिए गए.

कैबिनेट के फैसलों में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 50 ड्रोन खरीदने का प्रस्ताव भी शामिल है. इन ड्रोन पर 24.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इनका इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, नदी क्षेत्र में अभियान, नक्सल विरोधी कार्रवाई, अपराध नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में किया जाएगा.

Bihar Cabinet Decisions: आयोग-बोर्ड के सदस्यों का वेतन और भत्ता बढ़ा

बिहार सरकार ने विभिन्न विभागों के अधीन गठित आयोग, बोर्ड, निगम, पर्षद और समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है.

मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री का दर्जा प्राप्त पात्र सदस्यों का मासिक वेतन 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 65 हजार रुपये किए जाने की जानकारी सामने आई है. वहीं दैनिक भत्ता भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिदिन किया गया है.

आतिथ्य भत्ते में भी संशोधन किया गया है. मंत्री दर्जे के सदस्यों का आतिथ्य भत्ता 18 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये, राज्य मंत्री श्रेणी में 17,500 से बढ़ाकर 29,500 रुपये और उप मंत्री श्रेणी में 17 हजार से बढ़ाकर 29 हजार रुपये किया गया है.

पुलिस व्यवस्था के लिए 336.85 करोड़ रुपये

कैबिनेट ने जिला पुलिस, रेल पुलिस, मद्यनिषेध और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो समेत संबंधित इकाइयों को मजबूत करने के लिए उपकरणों की खरीद हेतु 336.85 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है.

इसके साथ ही केंद्र प्रायोजित पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 50 आधुनिक ड्रोन खरीदे जाएंगे. इसके लिए 24.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. ड्रोन का इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, नदी क्षेत्र में ऑपरेशन, नक्सल और अपराध विरोधी अभियानों तथा आपदा प्रबंधन में किया जाएगा.

कोसी के तीन जिलों में 126 करोड़ से डेयरी विकास

सात निश्चय-3 के तहत सुपौल, मधेपुरा और सहरसा में डेयरी क्षेत्र के विस्तार की योजनाओं को मंजूरी दी गई है. कोसी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अधीन करीब 126.07 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विभिन्न परियोजनाएं विकसित की जाएंगी.

इन योजनाओं में दही प्लांट, प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट, मिल्क चिलिंग प्लांट और मिल्क चिलिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल हैं.

पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए चार स्तरीय ढांचा

बिहार पशु चिकित्सा अवसंरचना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. इसके तहत पशु चिकित्सालयों की आधारभूत संरचना, मानव संसाधन और जरूरी उपकरणों को मजबूत करने की योजना है.

आने वाले पांच वर्षों में पशु चिकित्सा सेवाओं का चार स्तरीय ढांचा विकसित करने और 10 हजार पशु इकाइयों पर एक सहायक पशु चिकित्साकर्मी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा.

पटना और बेगूसराय में दो नए विश्वविद्यालय

कैबिनेट ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम फैसला लिया है. बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है. विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि खर्च के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई है.

इसके अलावा बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी मिली है.

पशुपालकों को लोन के ब्याज पर 100% सब्सिडी

मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना के तहत पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है. योजना के तहत लाभार्थियों को मूलधन चुकाना होगा, जबकि ब्याज पर सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी.

योजना में तीन उन्नत नस्ल की गाय या दो भैंस के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है. कॉम्फेड की भूमिका गारंटर के रूप में होगी और दूध की बिक्री से मिलने वाली राशि से ऋण की किश्तों की कटौती की व्यवस्था की जाएगी.

पटना में बनेगा ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’

पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत जीपीओ गोलंबर के पास मल्टी-मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाले सब-वे का नाम ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ रखने को मंजूरी दी गई है.

इसके अलावा पटना नगर निगम को कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए पहले दिए गए 41 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण को अनुदान के रूप में समायोजित करने का फैसला भी लिया गया है.

नवादा में चीनी मिल के लिए 99.39 एकड़ जमीन

नवादा के वारिसलीगंज क्षेत्र के मकनपुर में चीनी मिल स्थापित करने के लिए 99.39 एकड़ सरकारी जमीन गन्ना उद्योग विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है.

सरकार की ओर से इस परियोजना को क्षेत्र में गन्ना आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने से जोड़कर देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी नवादा में चीनी मिल परियोजना से निवेश और किसानों को लाभ मिलने की बात कही है.

पूर्व बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के लिए 757.63 करोड़

कैबिनेट ने पूर्ववर्ती बिहार राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों और पदाधिकारियों के अनफंडेड टर्मिनल बेनिफिट दायित्व के लिए 757.63 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है.

यह राशि बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड को पांच समान किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी.

12 चिकित्सा संस्थानों में ई-सुश्रुत NX

स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने के लिए राज्य के 12 प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में सीडैक द्वारा विकसित ई-सुश्रुत NX एप्लीकेशन लागू करने की मंजूरी दी गई है.

इसके लिए तीन वर्षों के लिए 29.79 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इससे अस्पतालों में मरीजों से जुड़ी सेवाओं और प्रबंधन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है.

2 अक्टूबर को दोषसिद्ध बंदियों की रिहाई

गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर 2026 के अवसर पर ‘वन टाइम मेजर’ के तहत पात्र दोषसिद्ध बंदियों को परिहार का लाभ देकर रिहा करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-743 में संशोधन को मंजूरी दी गई है.

इसके अलावा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में लंबित मामलों की निगरानी और बेहतर समन्वय के लिए एनआईसी के माध्यम से समन्वय पोर्टल विकसित करने समेत कई अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है.

इस तरह 23 सितंबर की बैठक में शिक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण, स्वास्थ्य, पशुपालन, डेयरी, शहरी विकास, ऊर्जा और प्रशासन से जुड़े कुल 24 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया.

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