Ranchi Flyover रांची: राजधानी रांची में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से निपटने के लिए तीन नए फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है. नगर विकास विभाग ने इन परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया है. प्रस्तावित फ्लाईओवर बिरसा चौक से तुपुदाना चौक, कटहल मोड़ से दलादिली चौक और लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली क्षेत्र में बनाए जाने हैं.
Ranchi Flyover:सीएम हेमंत सोरेन के सामने रखा गया था डिजाइन
जानकारी के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों के साथ राज्य में सुनियोजित शहरी विकास और भविष्य की जरूरतों के अनुसार शहरों के विस्तार को लेकर चर्चा की थी. इसी दौरान नगर विकास विभाग ने ‘ब्यूटीफिकेशन ऑफ द कैपिटल सिटी ऑफ रांची’ नाम से तैयार रिपोर्ट और डिजाइन का प्रेजेंटेशन दिया.
इस डिजाइन को जुडको की ओर से तैयार किया गया है. प्रस्ताव में रांची के उन प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया है जहां वर्तमान में यातायात का दबाव अधिक रहता है और आने वाले वर्षों में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है.
कौन-कौन से तीन फ्लाईओवर प्रस्तावित?
प्रस्तावित परियोजनाओं में तीन प्रमुख कॉरिडोर शामिल हैं.
1. बिरसा चौक से तुपुदाना चौक:
यह कॉरिडोर बिरसा चौक से तुपुदाना की ओर जाने वाले व्यस्त मार्ग को कवर करेगा। इसका फायदा एयरपोर्ट, तुपुदाना और शहर के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से की ओर आने-जाने वाले वाहनों को मिल सकता है।
2. कटहल मोड़ से दलादिली चौक:
यह मार्ग रांची के बाहरी हिस्सों को शहर के प्रमुख मार्गों से जोड़ने में महत्वपूर्ण है। प्रस्तावित फ्लाईओवर का एक सिरा रिंग रोड कनेक्टिविटी के करीब पहुंचने से बाहरी इलाकों से आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग बेहतर हो सकता है।
3. लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर:
यह परियोजना शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले हिस्सों में से एक को ध्यान में रखकर प्रस्तावित की गई है। लालपुर, फिरायालाल और डंगराटोली के आसपास अक्सर यातायात का दबाव देखने को मिलता है।
कितनी लागत का है प्रस्ताव?
इस परियोजना को लेकर सामने आई रिपोर्टों में कुल अनुमानित लागत करीब 2,335.87 करोड़ रुपये बताई गई है. वहीं ताजा रिपोर्टों में तीन प्रस्तावित फ्लाईओवर की कुल लागत करीब 2,357 करोड़ रुपये तक बताई गई है. लागत का अंतिम आंकड़ा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, प्रशासनिक स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा.
इसलिए अभी 885 करोड़ रुपये की राशि को तीनों प्रस्तावित फ्लाईओवर की अंतिम स्वीकृत लागत मानना उचित नहीं होगा. परियोजनाएं फिलहाल प्रस्ताव के शुरुआती चरण में हैं.
रिंग रोड से कनेक्टिविटी पर जोर
प्रस्तावित कॉरिडोर की एक अहम विशेषता रिंग रोड से बेहतर कनेक्टिविटी है. बिरसा चौक-तुपुदाना और कटहल मोड़-दलादिली वाले मार्गों का जुड़ाव रांची के बाहरी हिस्सों तक पहुंच को आसान बनाने में मदद कर सकता है.
इससे शहर के भीतर से गुजरने वाले ऐसे वाहनों की संख्या कम करने का प्रयास किया जा सकेगा जिन्हें केवल एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने के लिए व्यस्त केंद्रीय सड़कों का इस्तेमाल करना पड़ता है.
पहले से भी तीन बड़े फ्लाईओवर निर्माण की तैयारी में
रांची में फ्लाईओवर परियोजनाओं का यह प्रस्ताव अकेला नहीं है. करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापुटोली और हरमू रोड फ्लाईओवर की टेंडर प्रक्रिया पहले ही आगे बढ़ चुकी है. सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक इन तीनों परियोजनाओं के लिए एल-1 कंपनियों का चयन हो चुका है और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अक्टूबर से निर्माण शुरू कराने की तैयारी है.
करमटोली-चिरौंदी कॉरिडोर करीब तीन किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है. वहीं अरगोड़ा-चापुटोली कॉरिडोर लगभग चार किलोमीटर के दायरे में विकसित किया जाना है. हरमू रोड फ्लाईओवर भी शहर के महत्वपूर्ण यातायात मार्ग को राहत देने के उद्देश्य से प्रस्तावित है.
रांची के किन लोगों को होगा फायदा?
अगर प्रस्तावित तीनों फ्लाईओवर को अंतिम मंजूरी मिलती है और उनका निर्माण पूरा होता है, तो बिरसा चौक, तुपुदाना, कटहल मोड़, दलादिली, लालपुर, फिरायालाल और डंगराटोली से रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है.
खास तौर पर व्यस्त समय में फ्लाईओवर के जरिए मुख्य यातायात को अलग स्तर पर ले जाने से नीचे की सड़कों और प्रमुख चौराहों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है.
हालांकि इसका वास्तविक असर निर्माण पूरा होने और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
रांची में फ्लाईओवर नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी
रांची में पहले से भी कई फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विकसित किए जा रहे हैं. अक्टूबर 2024 में राज्य सरकार ने बहुबाजार-शांतिनगर, सिरमटोली-मेकॉन-कांटाटोली और सहजानंद चौक-कांके रोड समेत कई सड़क एवं फ्लाईओवर परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया था.

