EC ने फ्रीज किया TMC का नाम और चुनाव चिन्ह, इंडिया गठबंधन बोला -‘वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी’

ममता बनर्जी Mamata Banerjee के पार्टी TMC के नाम और सिंबल को फ्रिज़ करने के चुनाव आयोग के फैसले ने इंडिया गठबंधन को एक जुट कर दिया. चुनाव आयोग के फैसले के तुरंत बाद कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी ने एक सुर फैसले का विरोध किया और ममता बनर्जी के साथ एकजुटता दिखाई.
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर ट्विट कर कहा, “यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है. यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है.”

वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी- राहुल गांधी

चुनाव आयोग के टीएमसी के नाम और सिंबल को फ्रिज़ करने के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा. राहुल ने लिखा, “पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस.
हर बार एक ही पैटर्न – BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं. फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है. जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं.
वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी – ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं.
ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है – मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं.
यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है. यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है”

Mamata Banerjee की पार्टी है टीएमसी – संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत वहीं ममता की पार्टी पर दिए चुनाव आयोग के फैसले पर कहा, ‘इस पार्टी को ममता बनर्जी ने अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के साथ बनाया था. तृणमूल कांग्रेस का राज्य और देश की राजनीति में अहम योगदान रहा है. जिस तरह शिवसेना बाला साहेब ठाकरे की पार्टी रही है, वैसे ही तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी की पार्टी है.’

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर कसा तंज

अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का पार्टी के नाम और सिंबल फ्रिज करने को लेकर एक पोस्ट में चुनाव आयोग पर तंज कसा और पूछा, “हमारे द्वारा इलेक्शन कमीशन में जमा किये गये एफ़िडेविट मिले क्या?”
अखिलेश ने एक्स पर लिखा, “चुनाव आयोग लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने के लिए फ़ैसले ले तो उसके मान-सम्मान में वृद्धि होगी. और कुछ नहीं कहना है… बस इतना पूछना है कि हमारे द्वारा इलेक्शन कमीशन में जमा किये गये एफ़िडेविट मिले क्या?”

EC ने ममता की पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह किया फ्रिज़

इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के विरोधी गुटों के बीच पार्टी पर कंट्रोल को लेकर चल रहे झगड़े में एक अंतरिम आदेश देते हुए पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए पार्टी के नाम और रिज़र्व “फूल और घास” चुनाव निशान के इस्तेमाल पर रोक लगा दी.
दोनों ग्रुप ने 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनावों के लिए अपने उम्मीदवार खड़े किए है.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों को नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों के उपचुनावों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव निशान चुनने का निर्देश दिया गया है.
कमीशन ने दोनों गुटों को पार्टी का नाम “ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” इस्तेमाल करने से रोक दिया है और उन्हें पार्टी के रिज़र्व “फूल और घास” निशान का इस्तेमाल करने से भी मना कर दिया है.
ECI ने अपने ऑर्डर में कहा कि यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक कमीशन इलेक्शन सिंबल (रिज़र्वेशन और अलॉटमेंट) ऑर्डर, 1968 के पैरा 15 के तहत कोई आखिरी फैसला नहीं ले लेता, जिसकी एक कॉपी इस अखबार के पास है.
कमीशन ने दोनों ग्रुप को 18 सितंबर को सुबह 11 बजे तक, अपनी पसंद के क्रम में तीन नाम देने का निर्देश दिया था, जिससे वे उपचुनाव के लिए पहचाने जाना चाहते हैं.

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