Sudivya Kumar Sonu गिरिडीह: झारखंड के दिवंगत मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादश एवं श्राद्धकर्म कार्यक्रम में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक और राजनीतिक नेता पहुंचे. हरसिंगरायडीह स्थित उत्सव उपवन में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं ने सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे.
Giridih, Jharkhand: Chief Minister Hemant Soren says, “We have bid a final farewell to Sudivya Kumar Sonu ji. Especially for Jharkhand Mukti Morcha, this is a huge loss that is very difficult to compensate for. As a minister, his active involvement was no secret to anyone. Many… pic.twitter.com/iwxFrDIvrw
— IANS (@ians_india) September 17, 2026
Sudivya Kumar Sonu को सीएम सोरेन ने दी श्रद्धांजलि,परिजनों से मिले
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई मंत्री और विधायक गिरिडीह के बोडो हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से सड़क मार्ग से वे उत्सव उपवन पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही.
मुख्यमंत्री ने सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित किया और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया.
‘पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को सिर्फ गिरिडीह ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए बड़ी और अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल थे और संगठन में उनकी अहम भूमिका रही.
हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने लंबे राजनीतिक और व्यक्तिगत जुड़ाव को भी याद किया. इससे पहले सोनू के निधन के बाद मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से इसे अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताया था और उन्हें बड़े भाई के समान बताया था.
सरकार और संगठन दोनों में निभाई अहम भूमिका
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक थे. वे 2019 और 2024 में गिरिडीह से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। हेमंत सोरेन सरकार में उनके पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा और शहरी विकास समेत कई विभागों की जिम्मेदारी थी. पर्यटन, कला-संस्कृति और खेल एवं युवा मामलों से जुड़े विभाग भी उनके कार्यक्षेत्र में रहे.
झामुमो के वरिष्ठ नेता के तौर पर उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. उनके निधन के बाद मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य नेताओं ने उनके राजनीतिक योगदान को याद किया था.
कई मंत्री और विधायक कार्यक्रम में पहुंचे
सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादश कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए. इनमें मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, दीपक बिरुआ, इरफान अंसारी और हफीजुल हसन समेत अन्य नेता शामिल रहे.
कोडरमा विधायक नीरा यादव सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की.
कार्यक्रम में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय नागरिक और सुदिव्य कुमार सोनू के समर्थक भी बड़ी संख्या में पहुंचे. पूरे परिसर में शोक और भावुकता का माहौल रहा.
6 सितंबर को हुआ था निधन
सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर 2026 को गिरिडीह में हृदयाघात के बाद निधन हुआ था. उस समय उनकी उम्र 56 वर्ष थी. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनके निधन के बाद झारखंड सरकार ने दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी.
उनका अंतिम संस्कार भी गिरिडीह में राजकीय सम्मान के साथ किया गया था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया था.
गिरिडीह में लगातार बना हुआ है शोक का माहौल
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद से गिरिडीह में लगातार शोक का माहौल है। द्वादश कार्यक्रम में पहुंचे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके राजनीतिक जीवन, संगठन में योगदान और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यों को याद किया.
सोनू के निधन को झामुमो और राज्य सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण क्षति के तौर पर देखा गया है. उनके सहयोगियों और समर्थकों ने उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने और उनके योगदान को याद रखने की बात कही.
द्वादश कार्यक्रम के दौरान एक बार फिर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि गिरिडीह और झारखंड की राजनीति में सुदिव्य कुमार सोनू का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संपर्क और संगठनात्मक आधार था.

