TMC MP महुआ मोइत्रा Mahua Moitra ने CJP प्रोटेस्टर निशु आजाद के पिता पर कथित हमले के मामले में खुद को प्रभावशाली बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को ज़मानत देने के कोर्ट के फैसले की आलोचना की. सोशल महुआ मोइत्रा ने ये बात मीडिया में एक वीडियो वारयल होने के बाद कही जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज लोकसभा MP चंद्रशेखर आज़ाद को चेतावनी देते हुए दिख रहा है.
“भारत में ज्यूडिशियरी आज हमारे संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा बन रही है”-Mahua Moitra
महुआ ने अपनी X टाइमलाइन पर वीडियो शेयर किया और लिखा कि स्वतंत्र अपने “शिकार” पर वापस आ गया है. उन्होंने इन्फ्लुएंसर को बेल देने के कोर्ट ऑर्डर की भी आलोचना की और कहा, “भारत में ज्यूडिशियरी आज हमारे संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा बन रही है. मैं इस पर आवाज़ उठा रही हूँ. सत्यमेव जयते.”
भारतीय न्याय व्यवस्था एक बार फिर से फ़ैल हो गयी है…
स्वतंत्र भारद्वाज बाहर आते ही फ़िर से शुरू हो गया है, जबकि कोर्ट ने शर्त रखी है कि मीडिया में कोई बयानबाज़ी नहीं करेगा लेकिन यह तो क्या कह रहा है वह सुनिए। pic.twitter.com/pBPNKeQtRs— Gen-Z of India (@GenZ_of_India_) September 17, 2026
हलांकि भारत नउ खुद स्वतंत्र भारद्वाज के इस वीडियो के असली होने की पुष्टि नहीं कर सकता.
बेल के बाद कथित नए वीडियो में स्वतंत्र ने क्या कहा है?
राइट-विंग इन्फ्लुएंसर को चंद्रशेखर को अपने लोगों को उसके भाइयों को पीटने के लिए भेजने के लिए नतीजों की चेतावनी देते हुए सुना जा सकता है. वीडियो में वह आदमी कहता है, “जो भी इनकी गाड़ी को घेरे ना, तुम लोगों को हम कुछ नहीं करने वाले… तुम ना मेरे लायक हो ना मेरे लेवल पे हो.”
फिर वह आज़ाद समाज पार्टी के चीफ चंद्रशेखर का ज़िक्र करते हुए कहता है: “तुम्हारा जो बाप है, चंद्रशेखर आज़ाद रावण, उसको जाकर मैसेज पहुंचाना.”
इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज कहता है, “उन लोगों का जो अटैक हुआ है, उसका बदला लेने के लिए एक ब्राह्मण शेर है, उसका नाम है स्वतंत्र भारद्वाज. आके टकरा लेना.”
15 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को 3 हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी गई थी
जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रोटेस्ट के दौरान CJP एक्टिविस्ट के पिता पर कथित हमले के मामले में भारद्वाज को तीन हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत दी गई थी। यह आदेश एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने सुनाया. भारद्वाज को ₹50,000 के बेल बॉन्ड और इतनी ही रकम के श्योरिटी पर अंतरिम राहत दी गई. यह केस SC/ST एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है. 21 साल के इस युवक को पिछले हफ़्ते 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया था. इस इन्फ्लुएंसर को इस महीने की शुरुआत में बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था, जब CJP ने कथित हमले को लेकर उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रोटेस्ट किया था.
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