ओवैसी के बयान पर संत समाज का विरोध, भोपाल में लव जिहाद की फंडिंग को लेकर क्या है पूरा मामला?

भोपाल। 'लव जिहाद' के मुद्दे पर एआईएमआईएम (AIMAIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भोपाल में ओवैसी ने कहा कि यदि कोई युवक-युवती बालिग है और अपनी मर्जी से शादी करना चाहता है, तो उन्हें रोकने का अधिकार किसी को नहीं है। उनके इस बयान पर संत समाज ने तीखा पलटवार किया है।

ओवैसी का तर्क: शादी बालिगों का निजी अधिकार

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कानून का इस्तेमाल धर्म या मजहब का चश्मा लगाकर नहीं किया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से विवाह करने का पूरा संवैधानिक अधिकार है और मोहब्बत को किसी धर्म के दायरे में नहीं बांधा जाना चाहिए।

संत समाज का पलटवार: लव जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप

ओवैसी के बयान पर अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष स्वामी अनिलानंद ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी का यह रुख सीधे तौर पर 'लव जिहाद' की पैरवी करने जैसा है। अनिलानंद ने दावा किया कि ऐसे मामलों में युवाओं को गाड़ियों, होटलों और आर्थिक मदद के रूप में संगठित फंडिंग मुहैया कराई जाती है।

बयान से गर्माई प्रदेश की राजनीति

एक ओर जहां ओवैसी कानून के समान इस्तेमाल और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हवाला दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संत समाज इसे एक सोची-समझी साजिश बता रहा है। दोनों पक्षों की ओर से आ रहे बयानों के बाद मध्य प्रदेश में अंतरधार्मिक विवाह और कानून के इस्तेमाल को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

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