उज्जैन: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के सती गेट स्थित प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर इन दिनों देशभर में कौतूहल और आस्था का केंद्र बना हुआ है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंदिर से जुड़े वीडियो और रील्स तेजी से वायरल होने के बाद, मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मौके पर बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत मंदिर का आसपास का ढांचा हटा दिया गया है, जबकि हनुमान जी की प्रतिमा को फिलहाल अस्थायी टेंट के नीचे सुरक्षित रखा गया है।
सोशल मीडिया रील्स का प्रभाव: सुबह से रात तक लग रही लंबी कतारें
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का असर धरातल पर साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने विगत कई वर्षों में इस स्थान पर ऐसा जनसैलाब नहीं देखा। मंदिर परिसर में भोर से लेकर देर रात तक भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। नासिक से पहुंचे श्रद्धालु अनिल ने बताया कि इंस्टाग्राम पर रील देखने के बाद वे विशेष रूप से दर्शन करने आए हैं। वहीं नागपुर के निवासी महेश टिचकुले और अजमेर (राजस्थान) से आए सुशील खंडेलवाल ने भी बताया कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और वीडियो के आधार पर ही वे महाकाल दर्शन के साथ-साथ खड़े हनुमान जी के दर्शन हेतु पहुंचे हैं।
आईआईटी (IIT) इंदौर की टीम कर रही तकनीकी अध्ययन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आईआईटी (IIT) इंदौर के विशेषज्ञों की टीम ने मंदिर की संरचना और प्रतिमा के आसपास की भौगोलिक स्थिति का तकनीकी निरीक्षण प्रारंभ किया है। टीम द्वारा पूर्व में भी स्थल का जायजा लिया गया था और अब अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पर फैल रही विभिन्न अफवाहों पर विराम लगाते हुए जिला प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को विस्थापित करने या हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि जनता की आस्था, प्रतिमा की सुरक्षा और शहर की धार्मिक विरासत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन के दावों पर श्रद्धालुओं के अपने तर्क, संतों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
दूसरी ओर, मंदिर व्यवस्था से जुड़े कुछ श्रद्धालु और स्थानीय प्रतिनिधि प्रशासन के बयानों से पूरी तरह सहमत नजर नहीं आ रहे हैं। मंदिर से जुड़े शैलू यादव का दावा है कि उनके पास ऐसे डिजिटल साक्ष्य और वीडियो मौजूद हैं, जिनमें परिसर में जेसीबी मशीनों से खुदाई और अन्य गतिविधियां स्पष्ट दिखती हैं। इस विवाद और भारी जनसैलाब के बीच मंदिर में धार्मिक आयोजन भी तेज हो गए हैं। अनेक साधु-संतों ने मौके पर पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया है, वहीं क्षेत्रीय विधायक महेश परमार और दिनेश जैन बोस सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेने का आग्रह किया।

