नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने फर्जी व भ्रामक खबरें फैलाने वाले 63 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि इन हैंडल्स द्वारा एयरपोर्ट पर भीषण जलभराव और परिचालन ठप होने के मनगढ़ंत दावे कर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया था।
पुराने व विदेशी एयरपोर्ट के वीडियो का किया गया फर्जी इस्तेमाल
डायल द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से दुबई एयरपोर्ट के एक पुराने जलभराव का वीडियो साझा कर उसे दिल्ली एयरपोर्ट का बताया था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि 4 सितंबर 2026 को हुई मुसलाधार बारिश के दौरान केवल टर्मिनल-3 के अराइवल प्रांगण में थोड़ी देर के लिए पानी जमा हुआ था, जिसे महज 20 मिनट के भीतर पूरी तरह साफ कर दिया गया था। इस दौरान उड़ानों का संचालन पूरी तरह सामान्य रहा।
63 सोशल मीडिया हैंडल्स पर लगा जनता में भ्रम फैलाने का आरोप
एयरपोर्ट ऑपरेटर ने कहा कि इन 63 सोशल मीडिया खातों द्वारा भ्रामक दृश्यों और दावों का प्रसार करना जन-सामान्य में भय पैदा करने और एक अति-महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा की छवि धूमिल करने की सोची-समझी साजिश थी। यात्रियों में बेवजह घबराहट और अनिश्चितता फैलाने के इस प्रयास पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
20 मिनट में सामान्य की गई थी स्थिति, कोई भी उड़ान प्रभावित नहीं
4 सितंबर 2026 को हुई अप्रत्याशित बारिश के बाद टर्मिनल-3 के अराइवल क्षेत्र में जमा हुए पानी को ड्रेनेज पंपों की मदद से 20 मिनट के भीतर निकाल दिया गया था। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना के कारण किसी भी उड़ान के प्रस्थान या आगमन में बाधा नहीं आई और न ही यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ा।
डायल संभालता है रोजाना 1,300 से अधिक उड़ानों का प्रबंधन
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का प्रबंधन संभालता है, जहां से प्रतिदिन 1,300 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही होती है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी एयरपोर्ट की सुरक्षा, विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार के खिलाफ शून्य-सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जाएगी।

