हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज,पुलिस करेगी जुटी

Haldwani Kharge Rally FIR हल्द्वानी : उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद रैली स्थल पर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने का मामला अब कानूनी रूप ले चुका है. घटना सामने आने के बाद राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है. लगातार विरोध और विपक्ष के हो हंगामें के बाद उत्तराखंड पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है.

(रैली के बाद शुद्धि करते लोग )

Kharge Haldwani Rally:क्या है पूरा मामला?

मामला हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस पार्टी की एक बड़ी रैली का हैस जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पहुंचे थे. रैली समाप्त होने के कुछ समय बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, जिनमें कुछ लोग मंच और आसपास के क्षेत्र में गंगाजल छिड़ककर ‘शुद्धिकरण’ करते दिखाई दिए.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह कृत्य पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पृष्ठभूमि को लक्षित कर किया गया है, जो कि अत्यंत निंदनीय और सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने वाला है.

घटनाक्रम विवरणजानकारी
स्थानहल्द्वानी, नैनीताल जिला (उत्तराखंड)
प्रमुख चेहरामल्लिकार्जुन खरगे (राष्ट्रीय अध्यक्ष, कांग्रेस)
शिकायतकर्तास्थानीय कांग्रेस कमेटी व कार्यकर्ता
कार्रवाईअज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज (IPC/BNS व संबंधित धाराएं)
वर्तमान स्थितिवीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच जारी

कांग्रेस ने साधा निशाना, बताया छुआछूत और अपमान

घटना के सामने आते ही कांग्रेस पार्टी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. पार्टी नेताओं का कहना है कि 21वीं सदी में इस तरह की मानसिकता अत्यंत चिंताजनक है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध को इस स्तर तक ले जाना और किसी नेता की उपस्थिति के बाद स्थल को ‘अशुद्ध’ बताकर गंगाजल छिड़कना सीधे तौर पर सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने जैसा है.

पुलिस की कार्रवाई और जांच

कांग्रेस नेताओं द्वारा कोतवाली में लिखित शिकायत सौंपे जाने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया. हल्द्वानी पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर किया है, हलांकि सोशल मीडिया में वायरल तस्वीरों में साफ तौर से देखा जा सकता है कि ‘शुद्धिकरण’ करने वालों में कौन कौन लोग शामिल थे.

“शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. कार्यक्रम स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो फुटेज की गहनता से जांच की जा रही है. साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.”

पुलिस प्रशासन

राजनीतिक गरमाहट

उत्तराखंड में इस घटना को लेकर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. जहां कांग्रेस इसे भाजपा समर्थित तत्वों की करतूत बताकर राज्य सरकार पर हमलावर है, वहीं विपक्ष का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए. पुलिस फिलहाल साक्ष्यों को खंगालने में लगी है ताकि आरोपियों की सही पहचान की जा सके.

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