रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में चर्चित कल्पना मिश्रा मृत्यु प्रकरण को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन की आंच अब शहर की आवागमन व्यवस्था तक पहुंच गई है। मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के समर्थन में स्थानीय ऑटो यूनियन ने बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है। यूनियन के निर्णय के अनुसार, 8 सितंबर को प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक संपूर्ण रीवा शहर में ऑटो चालकों की हड़ताल रहेगी, जिसके कारण आम नागरिकों और यात्रियों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ऑटो यूनियन का अल्टीमेटम, अपेक्षित कार्रवाई न होने से चालकों में आक्रोश
ऑटो चालक संघ के जिला अध्यक्ष महेंद्र पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कल्पना मिश्रा के परिजनों को अविलंब न्याय मिलना चाहिए और प्रकरण में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना के इतने दिनों बाद भी संतोषजनक प्रशासनिक कार्रवाई न होने से ऑटो चालकों में गहरा रोष व्याप्त है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध के इस दायरे को और विस्तृत किया जाएगा।
प्रातःकालीन बंद से यात्रियों और दैनिक यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
यूनियन द्वारा तय की गई रूपरेखा के तहत 8 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर ऑटो का संचालन पूरी तरह ठप रहेगा। इस तीन घंटे की सांकेतिक हड़ताल के कारण कार्यालय, शिक्षण संस्थानों तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए निकलने वाले दैनिक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। सुबह के व्यस्त समय में ऑटो सेवाएं ठप रहने से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अस्पताल जाने वाले लोगों पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

ऑटो चालकों ने केवल तीन घंटे के विरोध प्रदर्शन तक सीमित न रहने के संकेत दिए हैं। यूनियन नेतृत्व ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 8 सितंबर की हड़ताल के उपरांत भी उचित कानूनी कदम नहीं उठाए गए, तो चालक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर जाने के लिए विवश होंगे। संघ ने दोहराया है कि वे पीड़ित पक्ष के साथ मजबूती से खड़े हैं और जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता, तब तक उनका यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी, अब आगे के रुख पर नजर
गौरतलब है कि इस संवेदनशील मामले में मृतका के परिजन और समर्थक निरंतर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में प्रशासनिक स्तर पर रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन सहित कुछ उच्च अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कदम उठाए जाने की खबरें आई हैं। हालांकि, अब ऑटो चालकों के इस प्रदर्शन में शामिल होने से जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसके बाद सभी की नजरें शासन और पुलिस प्रशासन के अगले कदमों पर टिक गई हैं।

