‘Hanuman Ansh‘ tax-free देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक जीवन, उनके विचारों और संदेश पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर बड़ी घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने फिल्म को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया है. उन्होंने फिल्म की विषयवस्तु और बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

‘Hanuman Ansh‘ tax-free:बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन पर आधारित है फिल्म
फिल्म ‘हनुमान अंश’ बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक जीवन और उनके संदेशों पर केंद्रित है. बाबा नीब करौरी महाराज को देश-दुनिया में उनके आध्यात्मिक जीवन, सेवा भावना और भगवान हनुमान के प्रति गहरी आस्था के लिए जाना जाता है.
मुख्यमंत्री धामी ने फिल्म के विषय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के लिए भी दुनिया भर में विशेष पहचान रखता है. देवभूमि से जुड़ी ऐसी विभूतियों के जीवन और विचारों को बड़े पर्दे के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने से प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान और मजबूत होगी.

‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने का फैसला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने की घोषणा करते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया. सरकार के इस फैसले से फिल्म को प्रदेश में दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन आध्यात्मिकता, सेवा, भक्ति और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है. उनके विचार और संदेश आज भी बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करते हैं. ऐसे में उनके जीवन से जुड़ी फिल्म नई पीढ़ी को भी उनके आध्यात्मिक दर्शन से परिचित कराने का माध्यम बन सकती है.
उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के रूप में है. यहां देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े अनेक धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल मौजूद हैं. बाबा नीब करौरी महाराज की तपोभूमि और उनसे जुड़े स्थान भी उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
उन्होंने कहा कि फिल्मों, साहित्य, कला और अन्य रचनात्मक माध्यमों के जरिए उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक स्तर पर सामने लाया जा सकता है. इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान को मजबूती मिलेगी.
युवाओं को प्रेरणा देगा बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में युवाओं को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना बेहद जरूरी है. बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन सेवा, सादगी और मानवता के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है.
‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में युवाओं को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और संत-महात्माओं के जीवन दर्शन को समझने का अवसर देती हैं. मुख्यमंत्री ने फिल्म की विषयवस्तु की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि यह दर्शकों तक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश पहुंचाएगी.
उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को भी मिल सकता है बढ़ावा
बाबा नीब करौरी महाराज से जुड़े आध्यात्मिक स्थलों को लेकर देश-विदेश में श्रद्धालुओं की विशेष रुचि रही है. ऐसे में उनके जीवन पर आधारित फिल्म के व्यापक प्रदर्शन से उत्तराखंड के आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
सरकार पहले से ही उत्तराखंड को धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है. ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों के जरिए प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में भी मदद मिल सकती है.
सीएम धामी ने क्या कहा ?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक जीवन और संदेश पर आधारित फिल्म उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने फिल्म को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने की घोषणा की और इसके सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद जताई.
मुख्यमंत्री की इस घोषणा को उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है.

