Bihar MLC Elections PK : बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 8 सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने इन सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी तेज कर दी है. पार्टी अगले 3-4 दिनों में एक साथ अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर सकती है. सारण और तिरहुत की सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं.
Bihar MLC Elections PK:बिहार MLC चुनाव में जन सुराज की बड़ी तैयारी
बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद अब विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं. इन सीटों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने जा रहा है. ऐसे में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा इसी महीने होने की संभावना जताई जा रही है.
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सभी 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. खास बात यह है कि जन सुराज सबसे पहले अपनी उम्मीदवार सूची जारी करने की तैयारी में है.
प्रशांत किशोर के मुताबिक, सभी सीटों के संभावित उम्मीदवारों के नाम पर मंथन चल रहा है और अगले 3 से 4 दिनों में प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जा सकते हैं।
मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में हुई अहम बैठक
प्रशांत किशोर ने बुधवार को मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में जन सुराज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. बैठकों में आगामी एमएलसी चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशियों और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. इससे पहले दरभंगा में भी पार्टी की बैठक हो चुकी है.
मोतिहारी में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने बताया कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर करीब तीन घंटे तक मंथन हुआ. बैठक में छपरा, सीवान, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया और बगहा के जन सुराज नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए.
सारण शिक्षक सीट पर आफाक अहमद के नाम की चर्चा
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा मौजूदा एमएलसी आफाक अहमद के नाम की है. आफाक अहमद 2023 में हुए विधान परिषद उपचुनाव में जीत दर्ज कर एमएलसी बने थे.
उस समय जन सुराज पार्टी अस्तित्व में नहीं थी, लेकिन प्रशांत किशोर ने आफाक अहमद को समर्थन दिया था. उन्होंने उपचुनाव में पूर्व एमएलसी केदार पांडे के बेटे आनंद पुष्कर को हराया था.
अब चर्चा है कि जन सुराज उन्हें एक बार फिर सारण शिक्षक सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है. हालांकि, प्रशांत किशोर ने उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. उनका कहना है कि सभी सीटों के प्रत्याशियों की सूची पटना से एक साथ जारी की जाएगी.
तिरहुत की शिक्षक और स्नातक सीट पर भी मंथन
मुजफ्फरपुर में हुई बैठक में तिरहुत शिक्षक और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भी संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई. बैठक में मुजफ्फरपुर के अलावा शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
बताया जा रहा है कि जन सुराज ने इन दोनों सीटों के लिए भी संभावित उम्मीदवारों के नामों पर गंभीरता से विचार किया है. ऐसे में तिरहुत की दोनों सीटों पर पार्टी जल्द अपना पत्ता खोल सकती है.
किन 8 सीटों पर होना है चुनाव?
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की जिन 8 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं.
- पटना शिक्षक
- पटना स्नातक
- सारण शिक्षक
- तिरहुत शिक्षक
- तिरहुत स्नातक
- कोसी स्नातक
- दरभंगा शिक्षक
- कोसी शिक्षक
इन सभी सीटों का मौजूदा कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है।
तीन सीटों पर NDA, दो पर महागठबंधन का कब्जा
इन आठ सीटों के मौजूदा राजनीतिक समीकरण पर नजर डालें तो तीन सीटों पर एनडीए से जुड़े दलों का कब्जा है. पटना शिक्षक और कोसी स्नातक सीट भाजपा, जबकि पटना स्नातक सीट जदयू के पास है.
वहीं दरभंगा शिक्षक सीट कांग्रेस और तिरहुत शिक्षक सीट सीपीआई के पास है. बाकी सीटों पर निर्दलीय विधान पार्षद हैं. इनमें सारण शिक्षक सीट पर वर्तमान एमएलसी को जन सुराज का समर्थन प्राप्त रहा है.
जन सुराज की एंट्री से बढ़ेगी राजनीतिक चुनौती
विधान परिषद की इन सीटों पर जन सुराज के मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है. शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़, संगठन और स्थानीय मुद्दे चुनावी नतीजों पर अहम असर डालते हैं.
प्रशांत किशोर की पार्टी अगर सभी आठ सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारती है तो इसका सीधा असर एनडीए और महागठबंधन दोनों के चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है.
बांकीपुर जीत के बाद बढ़ा जन सुराज का उत्साह
जन सुराज की एमएलसी चुनाव की तैयारी को हालिया बांकीपुर उपचुनाव में मिली जीत से भी जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के लंबे समय से चले आ रहे प्रभाव को खत्म करते हुए जीत दर्ज की और प्रशांत किशोर पार्टी के पहले विधायक बने.
इस जीत के बाद जन सुराज का आत्मविश्वास बढ़ा है. अब पार्टी विधान परिषद चुनाव के अलावा अगले साल होने वाले बिहार पंचायत चुनाव की तैयारियों में भी सक्रिय है. ऐसे में एमएलसी चुनाव जन सुराज के लिए संगठन की ताकत और जमीनी पकड़ परखने का अगला बड़ा मौका माना जा रहा है.

