दिल्ली के स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल, चार घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली | देश की राजधानी दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में एक के बाद एक ऐसी दर्दनाक और गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन्होंने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर से लेकर मौजपुर, बवाना और जनकपुरी तक स्कूलों में बच्चों के साथ हुई प्रताड़ना, लापरवाही और यौन शोषण के मामलों ने अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। आइए जानते हैं राजधानी के इन अलग-अलग स्कूलों में घटी खौफनाक वारदातों का पूरा ब्योरा।

विनोद नगर: किताब न लाने पर धूप में खड़ा करने का आरोप, एक महीने बाद छात्रा की मौत

पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर स्थित एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 10 साल की एक मासूम छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के परिजनों का गंभीर आरोप है कि गत 22 जुलाई को बच्ची कक्षा में अपनी किताब नहीं ले गई थी, जिससे नाराज होकर शिक्षिका ने उसे सजा के तौर पर चिलचिलाती धूप में घंटों खड़ा रखा।

परिजनों का कहना है कि इसी प्रताड़ना के कारण बच्ची की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। करीब 1 महीने और 5 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद आखिरकार बच्ची ने दम तोड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने सोमवार को स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और दोषी टीचर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि संबंधित शिक्षिका का अन्यत्र ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे प्रकरण में यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही या प्रशासनिक चूक पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मृतका छात्रा को पहले से ही मिर्गी की बीमारी (Epilepsy) थी।

मौजपुर: मासूम बच्चे से बर्बरता, गैर-मान्यता प्राप्त प्ले स्कूल सील

यमुनापार के मौजपुर इलाके में स्थित एक प्राइवेट प्ले स्कूल में तीन साल के एक मासूम बच्चे के साथ बेरहमी और हैवानियत का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस छोटे से बच्चे को बेरहमी से बांधकर पीटा गया। मामला तूल पकड़ने के बाद दिल्ली सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस प्ले स्कूल को पूरी तरह सील कर दिया है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मीडिया को जानकारी दी कि जाँच के दौरान यह बात सामने आई है कि उक्त प्ले स्कूल बिना मान्यता के अवैध रूप से चलाया जा रहा था। शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम और अन्य नियमों के तहत स्कूल में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। इसके अलावा, स्कूल के पास न तो दमकल विभाग की एनओसी (Fire NOC) थी और न ही स्वीकृत बिल्डिंग प्लान मौजूद था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।

बवाना: नर्सरी की मासूम से स्कूल कैब ड्राइवर ने की दरिंदगी

आउटर-नॉर्थ दिल्ली के बवाना क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ स्कूल से जुड़े एक कैब चालक ने नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली महज तीन साल की मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ड्राइवर ने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपनी हवस का शिकार बनाया।

इस घृणित कृत्य का खुलासा तब हुआ जब बच्ची की माँ ने उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान और असहनीय दर्द देखा। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कैब ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश की जा रही है।

जनकपुरी: 30 अप्रैल के यौन शोषण मामले में अब तक ठोस कार्रवाई का इंतजार

पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके के एक बड़े प्राइवेट स्कूल में गत 30 अप्रैल को नर्सरी की एक छात्रा के साथ हुए यौन शोषण के मामले में महीनों बीत जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई न होने से लोगों में भारी रोष है। इस मामले में पूर्व में शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह जवाब तलब किया था कि क्यों न इस स्कूल को अपने कब्जे (टेकओवर) में ले लिया जाए। दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में नियमानुसार विधिक प्रक्रिया चल रही है, लेकिन कार्रवाई में हो रही देरी से अभिभावकों में गहरी नाराजगी है।

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