ED मामले में हाईकोर्ट पहुंचे हेमंत सोरेन, 8.86 एकड़ जमीन केस में निचली अदालत के फैसले को दी चुनौती

Hemant Soren ED Case रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कथित जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया है. मुख्यमंत्री ने रांची की विशेष PMLA अदालत के उस आदेश को चुनौती देते हुए क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की है, जिसमें उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी गई थी. मामला रांची के बड़गाईं इलाके की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है.

Hemant Soren ED Case : PMLA कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे CM हेमंत सोरेन

रांची की विशेष PMLA अदालत ने 8 जून 2026 को हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी थी. अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले में आगे कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री होने की बात कही थी. इसके बाद अब मुख्यमंत्री ने निचली अदालत के इस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

हेमंत सोरेन की ओर से दायर याचिका में कथित भूमि घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आपराधिक कार्यवाही से राहत की मांग की गई है. रिपोर्टों के मुताबिक, याचिका अभी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है.

क्या है 8.86 एकड़ जमीन का मामला?

यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया है कि जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण से जुड़े लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग हुई. जांच एजेंसी का आरोप है कि जमीन को कथित तौर पर हेमंत सोरेन के पक्ष में अवैध तरीके से हस्तांतरित किया गया.

PMLA अदालत ने जून में डिस्चार्ज याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि रिकॉर्ड पर मौजूद शिकायत, दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर मामले को आगे बढ़ाने के लिए प्रथम दृष्टया आधार मौजूद है.

हेमंत सोरेन ने आरोपों से किया है इनकार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन आरोपों को लगातार खारिज करते रहे हैं. उनकी ओर से अदालत में यह दलील दी गई थी कि मामले में उनके खिलाफ पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं हैं और उन्हें आपराधिक कार्यवाही में अनावश्यक रूप से शामिल किया गया है. ED ने इसके विपरीत जांच से जुटाए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाने की दलील दी थी.

अब इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष मुख्य सवाल निचली अदालत द्वारा हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के आदेश को लेकर होगा. हाईकोर्ट की सुनवाई और उसके बाद आने वाला आदेश इस मामले की आगे की कानूनी दिशा तय कर सकता है.

हेमंत सोरेन का हाईकोर्ट जाना ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब यह मामला झारखंड की राजनीति के साथ-साथ राज्य में ED कार्रवाई, जमीन विवाद और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चा में है.

Latest news

Related news