लातेहार में बारिश बनी आफत, राजडंडा नदी का पुराना पुल टूटा; मुख्य सड़क पर आवागमन ठप

लातेहार। जिले में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। महुआडांड़-डाल्टनगंज मुख्य मार्ग पर ग्राम राजदंडा के समीप राजदंडा नदी पर बना करीब छह दशक पुराना पुल तेज बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर की वजह से क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया। अचानक पुल का एक पिलर धंस गया, जिसके बाद पुल का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

तेज बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर से धंसा पुल का पिलर

ग्रामीणों के अनुसार, राजदंडा नदी पर बने इस पुल का निर्माण वर्ष 1960-65 के आसपास हुआ था। शनिवार को लगातार हुई तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। तेज धार और पानी के दबाव के कारण पुल का एक पिलर अपनी जगह से धंस गया और पुल का एक हिस्सा नीचे गिर गया। पुल की स्थिति इतनी जर्जर और खतरनाक हो गई है कि यहां से पैदल गुजरना भी जोखिम भरा है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं।

मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद, वैकल्पिक रास्ते से यातायात

पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम ने एहतियातन मुख्य मार्ग को बंद कर दिया। पुल से छोटे-बड़े सभी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए बास्करचा होकर महुआडांड़ तक जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग से यातायात की व्यवस्था की गई है।

क्षतिग्रस्त पुल से दूर रहने की अपील

थाना प्रभारी ने ग्रामीणों और राहगीरों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में क्षतिग्रस्त पुल को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने लोगों से सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके।

पुल टूटने से ग्रामीणों और विद्यार्थियों की बढ़ी परेशानी

रविवार को पुल के ध्वस्त होने की खबर मिलने के बाद आसपास के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुल टूटने से क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ विद्यार्थियों और रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही स्थायी समाधान होने तक लोगों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

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