रायपुर : रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशियों और आर्थिक संबल की सौगात लेकर पहुंची है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि महिलाओं को अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं में सहयोग करने का आत्मविश्वास दे रही है।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम अवरीद निवासी धनेश्वरी धीवर के लिए भी महतारी वंदन योजना आर्थिक सहारे का मजबूत आधार बनी है। योजना की 31वीं किस्त के रूप में 1,000 रुपये की राशि उनके बैंक खाते में पहुंची। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि ने उनके त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया।
धनेश्वरी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में बेहद उपयोगी साबित होती है। अब छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे योजना से प्राप्त राशि का उपयोग राशन, घरेलू सामान और अपनी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से अपने निर्णय लेने और परिवार में सहयोगी भूमिका निभाने का आत्मविश्वास मिला है।
उनके लिए योजना की 31वीं किस्त महज 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और अपनत्व का एहसास भी लेकर आई है। रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि पहुंचने पर धनेश्वरी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “महतारी वंदन के किस्त रक्षाबंधन के पहिली मिल गे, हमर खुशी दुगुना हो गे। हमर विष्णु भैया बहिनी मन के जरूरत ला समझत हवंय। अब छोटे-छोटे जरूरत बर दूसर के ऊपर निर्भर नई रहना पड़य।”
धनेश्वरी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहभागी बनने का अवसर दिया है। उनके लिए यह योजना आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन गई है।
महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया आधार तैयार कर रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त का मिलना महिलाओं के लिए “बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान” की भावना को और मजबूत कर रहा है। योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा यह नियमित आर्थिक संबल उनके वर्तमान को मजबूत करने के साथ बेहतर और आत्मनिर्भर भविष्य की राह भी आसान बना रहा है।

