ग्वालियर: ग्वालियर जिले के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के निरीक्षक आनंद कुमार जाटव पर शादी का झांसा देकर एक विवाहित महिला से दुष्कर्म करने के मामले में अचानक एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस चर्चित मामले में पीड़िता ने अपनी प्राथमिक प्राथमिकी (एफआईआर) वापस लेते हुए पुलिस प्रशासन पर ही गंभीर आरोप मढ़ दिए हैं। महिला का दावा है कि पुलिस ने उस पर दबाव बनाकर और डरा-धमकाकर जबरन यह शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़िता के यू-टर्न से मामले में फंसा कानूनी पेंच
महिला के इस अचानक रुख बदलने से पूरा मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महिला ने अब बयान दिया है कि टीआई आनंद कुमार जाटव के साथ उसके पारिवारिक संबंध हैं। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उसे हिरासत में रखा, मेडिकल परीक्षण के नाम पर अस्पताल के कई चक्कर लगवाए और दबाव डालकर दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई।
डेढ़ साल पुराने लेन-देन के विवाद का दिया हवाला
अपने बयानों में बदलाव करते हुए महिला ने खुलासा किया कि लगभग डेढ़ साल पहले उसके पिता और आनंद कुमार के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर एक विवाद हुआ था, जिसे आपसी सहमति से सुलझा लिया गया था। महिला के अनुसार, पुलिस ने उसी पुराने विवाद का हवाला देकर उसे थाने बुलाया और आरोपी अधिकारी के खिलाफ जबरन एफआईआर दर्ज करवा ली।
शुरुआती शिकायत में लगाए गए थे गंभीर आरोप
इससे पूर्व दर्ज कराए गए मामले के अनुसार, महिला का वर्ष 2022 से अपने पति से अलगाव का विवाद चल रहा था। इसी दौरान थाटीपुर थाने में पदस्थ तत्कालीन उप निरीक्षक आनंद कुमार से उसकी पहचान हुई थी। शुरुआती शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि 10 अक्टूबर 2022 को आरोपी ने उसकी मदद के बहाने किराए के कमरे पर पहुंचकर, अपनी पत्नी की बीमारी का हवाला दिया और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। महिला का दावा था कि आरोपी तीन साल तक उसके साथ लिव-इन में रहा और बाद में शादी से मुकर गया। फिलहाल, पीड़िता के बयानों में आए इस बड़े बदलाव ने पुलिस और जांच एजेंसी के समक्ष एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

