गुच्चूपानी में पर्यटकों के व्यवहार से नाराज स्थानीय लोगों ने की एंट्री बैन की मांग,वीडियो वायरल

Guchhupani Robber’s Cave देहरादून : उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुच्चूपानी (Robber’s Cave) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. करीब 46 सेकेंड के इस वीडियो में कुछ युवा पर्यटक गुफा के भीतर घुटनों तक भरे पानी के बीच तेज आवाज में म्यूजिक बजाते और डांस करते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है.

सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि प्राकृतिक और सार्वजनिक पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को अपने मनोरंजन के साथ-साथ वहां मौजूद दूसरे लोगों की सुविधा और पर्यावरण का भी ध्यान रखना चाहिए. कुछ यूजर्स ने तो ऐसे पर्यटकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नियमों को और सख्ती से लागू करने की मांग तक की है.

Guchhupani Robber’s Cave: कंधे पर स्पीकर लेकर डांस करते दिखे युवक

वायरल वीडियो में एक युवक गुच्चूपानी की गुफा के अंदर पानी के बीच अपने कंधे पर एक बड़ा स्पीकर रखे दिखाई दे रहा है. स्पीकर से काफी तेज आवाज में गाना बज रहा है. इसके बाद युवक खुद डांस करता नजर आता है और उसके साथ मौजूद अन्य युवक भी उसी म्यूजिक पर झूमते दिखाई दे रहे हैं.

बताया जा रहा है कि वीडियो में हरियाणवी गाना ‘लोफर थे हरियाणा के’ बज रहा है. तेज आवाज में म्यूजिक बजाने और गुफा जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थल के भीतर इस तरह डांस करने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.

हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब बनाया गया और इसमें दिखाई दे रहे युवकों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई की गई है या नहीं.

सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी

वीडियो के वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने युवकों के व्यवहार की आलोचना की. एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए युवकों को हरियाणा से जोड़ते हुए उत्तराखंड में उनकी एंट्री बैन करने की मांग तक कर दी. हालांकि, इस तरह की टिप्पणी के जवाब में कुछ लोगों ने किसी पूरे राज्य या क्षेत्र के लोगों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराने को गलत बताया.

एक महिला यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का व्यवहार असभ्य है. उनके मुताबिक, कुछ लोग सार्वजनिक पर्यटन स्थलों को अपने निजी स्थान की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं, जिससे वहां मौजूद दूसरे पर्यटकों को परेशानी होती है.

एक अन्य यूजर ने कहा कि इस तरह के व्यवहार के कारण दूसरे परिवारों के लिए पर्यटन स्थलों का अनुभव असहज हो सकता है. वहीं कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि आखिर वीडियो में ऐसा क्या गलत है.

‘किसी राज्य को दोष देना ठीक नहीं’

वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देने वाले कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने युवकों के व्यवहार की आलोचना तो की, लेकिन उन्हें किसी खास राज्य से जोड़ने पर आपत्ति जताई.

एक यूजर ने कहा कि गलत व्यवहार करने वाले लोगों को उनके राज्य या क्षेत्र के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए. ऐसे मामलों में नियम तोड़ने वाले व्यक्ति के खिलाफ मौके पर ही नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए.

इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर एक अहम बहस भी शुरू हुई कि किसी एक घटना के आधार पर पूरे राज्य या समुदाय के लोगों को निशाना बनाना उचित नहीं है. पर्यटन स्थलों पर अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार को लेकर लोगों ने प्रशासन से प्रभावी निगरानी की मांग की.

पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के व्यवहार पर फिर सवाल

उत्तराखंड देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन राज्यों में शामिल है. देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, नैनीताल, हरिद्वार और अन्य पर्यटन क्षेत्रों में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.

पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ कई बार सार्वजनिक स्थानों पर तेज म्यूजिक, कूड़ा फैलाने, प्राकृतिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने, सड़क पर हुड़दंग और अन्य नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले भी सामने आते रहे हैं.

गुच्चूपानी का वायरल वीडियो इसी बड़े सवाल की ओर ध्यान खींचता है कि पर्यटन स्थलों पर घूमने जाने वाले लोगों को अपनी मौज-मस्ती और दूसरे पर्यटकों की सुविधा के बीच संतुलन कैसे बनाए रखना चाहिए.

क्या है गुच्चूपानी या रॉबर्स केव?

गुच्चूपानी, जिसे रॉबर्स केव (Robber’s Cave) के नाम से भी जाना जाता है, देहरादून का एक प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल है. यह देहरादून शहर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जाता है.

यह एक प्राकृतिक नदी गुफा है, जिसकी लंबाई करीब 600 मीटर है। गुफा के भीतर पानी की ठंडी धारा बहती है और इसके आसपास प्राकृतिक चट्टानों तथा जलधारा का अनोखा दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है.

गुच्चूपानी की खासियत यह है कि पर्यटक गुफा के भीतर पानी के बीच चलकर प्राकृतिक संरचना को करीब से देख सकते हैं. यही वजह है कि गर्मियों और छुट्टियों के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.

प्राकृतिक पर्यटन स्थल की खूबसूरती बनाए रखना जरूरी

गुच्चूपानी जैसे प्राकृतिक स्थलों पर पर्यटकों से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है. तेज आवाज में म्यूजिक बजाना, दूसरे पर्यटकों को असुविधा पहुंचाना या प्राकृतिक वातावरण में शोर करना वहां आने वाले लोगों के अनुभव को प्रभावित कर सकता है.

विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों की ओर से लंबे समय से यह कहा जाता रहा है कि पर्यटन स्थलों को केवल मनोरंजन की जगह नहीं, बल्कि प्राकृतिक विरासत के रूप में भी देखा जाना चाहिए.

वायरल वीडियो ने एक बार फिर इस सवाल को सामने ला दिया है कि उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए नियमों का पालन कितना जरूरी है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई होनी चाहिए ?

प्रशासन की निगरानी और सख्ती की मांग

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने मांग की है कि पर्यटन स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जाए और यदि कोई पर्यटक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए.

गुच्चूपानी में तेज म्यूजिक पर डांस करते युवकों का वायरल वीडियो केवल एक सोशल मीडिया विवाद नहीं, बल्कि पर्यटन स्थलों पर जिम्मेदार पर्यटक व्यवहार को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है. उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक पर्यटन की पहचान वाले राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ना आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण, स्थानीय नियमों और अन्य पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है.

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