शर्मिला टैगोर के बयान पर गरमाई सियासत, अभिजीत गंगोपाध्याय समेत नेताओं ने घेरा

अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के ‘वंदे मातरम’ पर दिए गए एक बयान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय गीत के कुछ पदों को लेकर दिए गए उनके सुझाव पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और उन पर सवाल उठाए हैं।

शर्मिला टैगोर का बयान और विवाद

शर्मिला टैगोर ने एक चर्चा के दौरान सुझाव दिया था कि ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पद बहुत अच्छे हैं क्योंकि वे सभी को साथ लेकर चलते हैं, लेकिन इसके बाद के पदों में कई देवताओं का जिक्र होने के कारण एक ईश्वर में विश्वास रखने वाले कुछ लोगों के लिए इसे गाना मुश्किल हो सकता है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।

भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय ने शर्मिला टैगोर की टिप्पणी को आड़े हाथों लेते हुए इसे राष्ट्र-विरोधी करार दिया और कहा कि यदि कोई राष्ट्रीय गीत के कुछ हिस्सों को छोड़ने की बात करता है तो यह गलत है। वहीं, पश्चिम बंगाल के मंत्री इंद्रनील खान ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने ‘आनंदमठ’ और वंदे मातरम के जज्बे से देश को आजाद कराया था, इसलिए किसी को भी इस पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।

कंगना रनौत की टिप्पणी और विवाद की पृष्ठभूमि

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत ने कहा कि वह शर्मिला जी की बात की सराहना करती हैं कि उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी, लेकिन कला और कविता में शब्दों को रूपक के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि उनकी सोच को इस तरह सीमित किया जाना चाहिए। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब कांग्रेस मुख्यालय के एक वीडियो में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत के समय नेताओं को बातचीत करते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद से भाजपा लगातार विपक्षी दलों और इससे जुड़े बयानों पर हमलावर है।

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