मुरैना: मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ लगभग 80 वर्ष की एक बुजुर्ग महिला के साथ उनके ही पौते द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि पौता बुजुर्ग महिला पर जमीन अपने नाम कराने और घर के खर्च के लिए लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट की गई और उनके हाथ-पैर बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया गया, साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस ने मुक्त कराकर अस्पताल में कराया भर्ती
घटना की सूचना मिलने पर हरकत में आई पुलिस ने मौके पर पहुँचकर बुजुर्ग महिला को उस कमरे से बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। मिली जानकारी के अनुसार, महिला के पैर में गंभीर चोटें आई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि पीड़िता का आरोप है कि वह पिछले करीब एक महीने से थाने के चक्कर काट रही थीं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी।
परिवार में विवाद और जमीन का दबाव
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग महिला के साथ उनका पौता विष्णु, उसकी पत्नी और उनके तीन बच्चे एक ही घर में रहते हैं। महिला का आरोप है कि उनका पौता काफी समय से पैतृक जमीन उसके नाम करने का दबाव बना रहा था और आए दिन घर के खर्च के नाम पर रुपयों की माँग करता था। महिला की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जिसके कारण पारिवारिक कलह और विवाद लगातार बढ़ता गया। इसी बात से नाराज होकर पौते ने उनके साथ पहले गाली-गलौज की और फिर बेरहमी से मारपीट की।
हाथ-पैर बांधकर कमरे में छोड़ा
मारपीट के दौरान हद तब पार हो गई जब बुजुर्ग महिला के हाथ और पैर कसकर बांध दिए गए और उन्हें कमरे के भीतर लावारिस हालत में छोड़ दिया गया। उनके शरीर और पैरों पर मारपीट के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्हें बंधनमुक्त कर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
भीख मांगकर या आटा मांगकर गुजर-बसर करती हैं महिला
इस घटना का एक बेहद मार्मिक पहलू यह है कि बुजुर्ग महिला के पास आय का कोई भी स्थायी साधन नहीं है। वह पेट की आग बुझाने के लिए शहर में घर-घर जाकर आटा या भिक्षा मांगती हैं और उसी के सहारे अपना जीवनयापन कर रही हैं। ऐसे असहाय और वृद्ध व्यक्ति के साथ इस तरह की क्रूरता ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
इस मामले ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बुजुर्ग महिला का दावा है कि उन्होंने इस घटना से पहले भी अपने पौते की हरकतों की शिकायत थाने में की थी और वे पिछले एक महीने से लगातार सबलगढ़ थाने के चक्कर काट रही थीं। उनका आरोप है कि जब वे अकेली थाने जाती थीं, तो उन्हें कथित तौर पर वापस लौटा दिया जाता था और मुरैना जाने के लिए कह दिया जाता था।
फिलहाल, पुलिस ने महिला को अस्पताल में भर्ती करा दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस जमीन के दस्तावेजों, परिवार के पुराने विवादों और महिला द्वारा लगाए गएरोपों की गहराई से जाँच कर रही है।

