किसान परिवारों का सहारा बनी ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना,योगी सरकार ने बढ़ाया बजट

CM Farmers Accident Welfare Scheme लखनऊ (18 अगस्त): खेती-किसानी से जुड़े परिवारों के लिए दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा बेहद अहम हो जाती है. परिवार के कमाऊ सदस्य की हादसे में मौत या दिव्यांगता होने पर अचानक आय का स्रोत प्रभावित हो सकता है. ऐसे मुश्किल समय में उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसान परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन रही है. योजना के तहत पात्र किसानों और उनके आश्रितों को दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में अधिकतम पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है.

किसान परिवारों को समय पर मदद मिल सके, इसके लिए सरकार ने योजना के बजट में भी बढ़ोतरी की है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1050 करोड़ रुपये के मुकाबले 2026-27 में बजट बढ़ाकर 1150 करोड़ रुपये किया गया है. यानी योजना के लिए इस साल 100 करोड़ रुपये अधिक का प्रावधान किया गया है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक करीब 38 हजार से अधिक आश्रित परिवारों को योजना का लाभ मिल चुका है. इससे मुश्किल परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने की सरकार की कोशिश को मजबूती मिली है.

CM Farmers Accident Welfare Scheme: दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवारों को 5 लाख रुपये तक सहायता

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को उत्तर प्रदेश में 14 सितंबर 2019 से लागू किया गया है. इसका उद्देश्य कृषि कार्य से जुड़े पात्र परिवारों को दुर्घटना के कारण होने वाली आर्थिक क्षति से उबरने में मदद करना है.

योजना के तहत दुर्घटना के कारण मृत्यु या दिव्यांगता होने की स्थिति में अधिकतम पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है. ऐसे समय में जब परिवार को अचानक इलाज, रोजमर्रा के खर्च और आय के संकट का सामना करना पड़ सकता है, सरकारी सहायता उनके लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बन सकती है.

योजना का दायरा भी केवल खातेदार किसान तक सीमित नहीं रखा गया है. इसके तहत खतौनी में दर्ज खातेदार और सहखातेदार के अलावा ऐसे कमाऊ पारिवारिक सदस्य भी पात्रता के दायरे में आते हैं, जिनकी आजीविका का मुख्य स्रोत खातेदार या सहखातेदार के नाम दर्ज भूमि से होने वाली कृषि आय है.

इसके अलावा पट्टे या बटाई की भूमि पर खेती करने वाले पात्र भूमिहीन कृषकों को भी योजना का लाभ मिल सकता है.

1050 करोड़ रुपये से 1150 करोड़ हुआ योजना का बजट

किसान परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए सरकार ने योजना के वित्तीय प्रावधान को भी बढ़ाया है. राजस्व विभाग के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1050 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था.

जनपदों से प्राप्त मांग के आधार पर पूरी धनराशि का आवंटन किया गया. इसके जरिए 21,659 आश्रित परिवारों को योजना का लाभ मिला.

यह आंकड़ा बताता है कि दुर्घटना से प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए योजना का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है.

चालू वित्तीय वर्ष में 17 हजार से ज्यादा परिवारों को मदद

वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का बजट बढ़ाकर 1150 करोड़ रुपये कर दिया गया है. पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इसमें 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है.

योजना के लिए प्रथम और द्वितीय किस्त के रूप में 862.50 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. वहीं, जनपदों की मांग के आधार पर 813.81 करोड़ रुपये का आवंटन किया जा चुका है.

इस वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 17,152 आश्रित परिवारों को योजना का लाभ मिल चुका है. वित्तीय वर्ष अभी जारी है, इसलिए आने वाले समय में लाभार्थियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना: एक नजर में
प्रमुख जानकारीविवरण
योजना लागू14 सितंबर 2019
अधिकतम सहायता5 लाख रुपये
सहायता का आधारदुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता
2025-26 बजट1050 करोड़ रुपये
2026-27 बजट1150 करोड़ रुपये
बजट में बढ़ोतरी100 करोड़ रुपये
2025-26 में लाभार्थी21,659 आश्रित परिवार
2026-27 में अब तक लाभार्थी17,152 आश्रित परिवार
पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक38 हजार से अधिक आश्रित परिवार
जनपदों की मांग के अनुसार हो रहा धनराशि का आवंटन

योजना को केवल बजट में शामिल करने के बजाय जरूरत के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है. राजस्व विभाग की ओर से जनपदों की मांग के अनुसार धनराशि का आवंटन किया जा रहा है, जिससे पात्र परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने में आर्थिक संसाधनों की कमी बाधा न बने.

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को संकट के समय सरकारी सहायता का लाभ मिल सके और परिवार पर अचानक आने वाले आर्थिक बोझ को कुछ हद तक कम किया जा सके.

सीएम डैशबोर्ड से जुड़ा योजना का पोर्टल

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निगरानी को भी प्राथमिकता दी जा रही है. योजना के लिए विकसित पोर्टल को सीएम डैशबोर्ड से इंटीग्रेट किया गया है.

इससे योजना की प्रगति पर निगरानी रखने और विभिन्न स्तरों पर इसके क्रियान्वयन की स्थिति को बेहतर तरीके से ट्रैक करने में मदद मिल रही है. राजस्व विभाग की ओर से जिलाधिकारियों को भी योजना के सुचारु संचालन के लिए समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं.

किसान परिवारों के लिए संकट के समय आर्थिक सुरक्षा

खेती पर निर्भर परिवारों के लिए परिवार के कमाऊ सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं होती, बल्कि इसका सीधा असर परिवार की आय और भविष्य पर पड़ सकता है. ऐसे में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के जरिए मिलने वाली आर्थिक सहायता प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल वित्तीय सहारा बन सकती है.

बजट में बढ़ोतरी और लाभार्थियों की संख्या में लगातार इजाफे से यह संकेत मिलता है कि सरकार योजना के जरिए कृषक परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने पर जोर दे रही है. आने वाले समय में अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना इसके प्रभाव को और व्यापक बना सकता है.

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