गुमला में JJMP के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, इनामी कमांडर समेत 4 उग्रवादी दबोचे गए

गुमला: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। डुमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चलाए गए विशेष तलाशी अभियान में पुलिस ने पांच लाख रुपये के इनामी सब-जोनल कमांडर सहित चार उग्रवादियों को धर दबोचा है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सली गतिविधियों पर लगाम कसने के लिहाज से एक मील का पत्थर माना जा रहा है। पकड़े गए उग्रवादियों के पास से घातक हथियारों का बड़ा जखीरा भी हाथ लगा है।

इनामी कमांडर समेत चार उग्रवादी शिकंजे में

पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने विशेष ऑपरेशन के दौरान रामदेव लोहरा, अरविंद नायक, मुनेश्वर सिंह और जितेंद्र लोहरा को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य रूप से सक्रिय रामदेव लोहरा पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह सब-जोनल पद संभाल रहा था, जबकि अरविंद नायक एरिया कमांडर के रूप में सक्रिय था। सुरक्षा एजेंसियों को यह भनक लगी थी कि ये सभी डुमरी क्षेत्र में अपने उग्रवादी संगठन की जड़ें दोबारा जमाने की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद पुख्ता सूचना के आधार पर यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई।

हथियारों का जखीरा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने उग्रवादियों के पास से आधुनिक हथियारों का भारी जखीरा जब्त किया है। इनमें एक एके-56 राइफल, एक एसएलआर और एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल शामिल है। इसके साथ ही मौके से 146 जिंदा कारतूस, वॉकी-टॉकी, आठ मोबाइल फोन, वाई-फाई डोंगल और प्रतिबंधित संगठन से जुड़े पर्चे भी बरामद किए गए हैं। इन तमाम सामग्रियों के मिलने से उनके खतरनाक मंसूबों का खुलासा होता है।

पुनर्गठन की साजिश का हुआ पर्दाफाश

खुफिया तंत्र से इनपुट मिला था कि डुमरी थाना क्षेत्र में उग्रवादी संगठन अपने नेटवर्क को दोबारा फैलाने की फिराक में हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महकमे ने रणनीति बनाई और घेराबंदी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इलाके में किसी भी आपराधिक या उग्रवादी गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

नेटवर्क खंगालने के लिए सघन पूछताछ जारी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उम्मीद है कि इस कड़ी पूछताछ से उग्रवादी संगठन के अन्य गुप्त ठिकानों, छिपे हुए सहयोगियों और फंडिंग के स्रोतों का भी खुलासा हो सकेगा। पांच लाख के इनामी कमांडर की गिरफ्तारी से संगठन की कमर टूट चुकी है और पुलिस अब इसके पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने में जुटी है।

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