भोपाल: मध्य प्रदेश राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की अब तत्काल प्रभाव से मरम्मत करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर राज्यभर की सड़कों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी प्रमुख मार्गों, पुल-पुलियों और यातायात की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का विशेष निरीक्षण करवाने तथा सड़कों पर बने गड्ढों को तुरंत चिन्हित कर युद्धस्तर पर सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक के दौरान मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़कों की मरम्मत का यह कार्य केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कार्य की उच्च गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे खुद इन सुधार कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। यदि निर्माण कार्य या पैचवर्क की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डामर संभव न हो तो सीमेंट और पेवर ब्लॉक का करें उपयोग
मंत्री राकेश सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जिन इलाकों या मौसम की स्थिति में तुरंत डामरीकरण (Asphalt work) किया जाना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मिक्स सेट सीमेंट और पेवर ब्लॉक (Paver Blocks) का उपयोग करके गड्ढों को तत्काल भरा जाए। मुख्य और बड़े मार्गों के साथ-साथ शहर के आंतरिक तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के दौरान दोबारा गड्ढे उभरने पर तुरंत हो मरम्मत
मानसून की इस अवधि में बारिश के कारण यदि सड़कों पर दोबारा गड्ढे बनते हैं, तो ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए मैदानी अमले को पूरी तरह से अलर्ट रहने को कहा गया है। मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सड़कों के रख-रखाव पर लगातार पैनी नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर बिना किसी देरी के तुरंत सुधार कार्य सुनिश्चित किया जाए। शासन ने साफ कर दिया है कि जनहित से जुड़े इस कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

