Doon Hospital Dress Code देहरादून : दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों की सुविधा, अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं. अस्पताल में अब डॉक्टरों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान जींस-टीशर्ट पहनने से बचने और फॉर्मल ड्रेस में आने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही एप्रन और आईकार्ड पहनना भी अनिवार्य किया गया है.
कैंसर रोग विभाग के एचओडी की ओर से इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किया गया है. आदेश में ड्रेस कोड का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
इसके अलावा अस्पताल की सभी 13 लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. ओटी, आईसीयू और वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बिना अनुमति वीडियो बनाने पर भी रोक लगाने का फैसला किया गया है. वहीं, इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में नए प्रोफेसर की नियुक्ति से मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है.
Doon Hospital Dress Code : डॉक्टरों-कर्मचारियों के जींस-टीशर्ट पहनने पर रोक
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्यूटी के दौरान कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों के जींस-टीशर्ट पहनकर आने का मामला सामने आया था. इसके बाद कैंसर रोग विभाग के एचओडी ने कार्यालय आदेश जारी कर सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को ड्रेस कोड का पालन करने के निर्देश दिए.
आदेश में कहा गया है कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान फॉर्मल ड्रेस, एप्रन और आईकार्ड पहनना जरूरी है. जींस और टी-शर्ट को कार्यालय के निर्धारित ड्रेस मानकों के अनुरूप नहीं माना गया है.
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
प्राचार्य और एमएस स्तर से भी जारी हो चुके हैं निर्देश
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीएमएस डॉ. विनम्र मित्तल ने बताया कि डॉक्टरों और कर्मचारियों के ड्रेस कोड को लेकर प्राचार्य और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट स्तर से पहले भी कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं.
उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान फॉर्मल कपड़े पहनने के साथ अपना आईकार्ड भी प्रदर्शित करना चाहिए. अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों के सामने डॉक्टरों और कर्मचारियों की पेशेवर पहचान स्पष्ट रहना जरूरी है.
हाजिरी को लेकर भी अस्पताल प्रशासन की ओर से सख्ती बरती जा रही है.
जींस-टीशर्ट को लेकर डॉक्टरों की अलग-अलग राय
ड्रेस कोड को लेकर डॉक्टरों के बीच भी अलग-अलग राय सामने आई है. कुछ डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान फॉर्मल ड्रेस पहनना बेहतर है. इससे डॉक्टरों की पेशेवर पहचान और अस्पताल की कार्यसंस्कृति मजबूत होती है.
वहीं, कुछ डॉक्टरों का मानना है कि साधारण टी-शर्ट के ऊपर एप्रन पहनने में कोई बड़ी समस्या नहीं होनी चाहिए. हालांकि, डॉक्टरों के बीच इस बात पर सहमति है कि ड्यूटी के दौरान भड़कीले रंग या अत्यधिक तड़क-भड़क वाले कपड़ों से बचना चाहिए.
इमरजेंसी मेडिसिन में नए प्रोफेसर की नियुक्ति
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने के लिए चार नए डॉक्टरों का चयन किया गया है. इनमें इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर पद पर डॉ. हेमा सक्सेना का चयन हुआ है.
इसके अलावा कम्युनिटी मेडिसिन में एपी पद पर डॉ. मुकेश दर्शन, मेडिसिन में एपी पद पर डॉ. सिद्धार्थ गर्ग और सर्जरी में एपी पद पर डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी का चयन हुआ है.
इन पदों के लिए 25 जून को इंटरव्यू आयोजित किए गए थे. इसके बाद शासन की ओर से चयन सूची जारी की गई. निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने चयन सूची कॉलेज प्रशासन को भेज दी है और प्राचार्य डॉ. गीता जैन के स्तर से ज्वाइनिंग की प्रक्रिया कराई जा रही है.
इमरजेंसी की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद
दून अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की भारी संख्या और व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि नए विशेषज्ञ की नियुक्ति के बाद इमरजेंसी में मरीजों के इलाज, चिकित्सकीय निगरानी और विभागीय समन्वय को बेहतर किया जा सकेगा।
दून अस्पताल की सभी 13 लिफ्ट में लगेंगे CCTV
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रशासन ने सभी 13 लिफ्ट में तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है.
मंगलवार को प्राचार्य डॉ. गीता जैन, एमएस डॉ. आरएस बिष्ट और डिप्टी एमएस डॉ. विनम्र मित्तल की बैठक में सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए.
लिफ्ट में सीसीटीवी लगाने का उद्देश्य अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है.
ओटी, आईसीयू और वार्ड में बिना अनुमति वीडियो बनाने पर रोक
अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थिएटर (OT), ICU, वार्ड और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में बिना अनुमति वीडियो बनाने पर भी रोक लगा दी है.
सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति वीडियो बनाता है तो उसे रोका जाए. हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे लोगों के साथ विनम्र व्यवहार करें.
अस्पताल का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ मरीजों और तीमारदारों की निजता का संरक्षण भी बेहद जरूरी है.
मीडिया कर्मियों के लिए भी लागू होंगे नियम
संवेदनशील क्षेत्रों में वीडियो बनाने को लेकर मीडिया कर्मियों के लिए भी नियम तय किए गए हैं. सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि पहचान पत्र देखने के बाद ही संवेदनशील क्षेत्रों में वीडियो बनाने की अनुमति दी जाए.
अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य किसी भी तरह की अनधिकृत रिकॉर्डिंग को रोकना है, ताकि मरीजों की निजता प्रभावित न हो और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहे.
एक साथ तीन बड़े फैसलों से क्या बदलेगा?
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक साथ ड्रेस कोड, नई चिकित्सकीय नियुक्तियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े फैसले किए गए हैं. ड्रेस कोड के जरिए अस्पताल में पेशेवर कार्यसंस्कृति मजबूत करने की कोशिश है, जबकि इमरजेंसी में नए प्रोफेसर की नियुक्ति से चिकित्सा सेवाओं में सुधार की उम्मीद है.
वहीं, 13 लिफ्ट में सीसीटीवी और संवेदनशील क्षेत्रों में वीडियो रिकॉर्डिंग पर रोक से सुरक्षा और मरीजों की निजता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया है.

