डेंगू का बढ़ता खतरा, बचाव के लिए जागरूक रहना जरूरी

लखनऊबदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनने वाला डेंगू बुखार एडीज इजिप्टी प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है। इस संक्रामक बीमारी की चपेट में आने पर मरीज को तेज बुखार होने के साथ-साथ शरीर पर लाल चकत्ते उभरने लगते हैं। प्रभावित क्षेत्रों में कई बार एक साथ कई तरह के विषाणु सक्रिय हो जाते हैं, जिससे यह महामारी का रूप ले लेता है। वर्तमान समय में इस खतरनाक बीमारी से बचाव के लिए चिकित्सा जगत में कोई टीका उपलब्ध नहीं है, इसलिए इससे सुरक्षित रहने का एकमात्र और सबसे असरदार तरीका केवल सचेत और जागरूक रहना है।

 

पानी का जमाव रोकने और मच्छरों से सुरक्षा

डेंगू फैलाने वाले ये मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय अधिक सक्रिय रहते हैं और इनका पनपना मुख्य रूप से रुके हुए पानी पर निर्भर करता है। इस जानलेवा बीमारी से खुद को और अपने परिवार को महफूज रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि घर के भीतर या आसपास कहीं भी पानी इकठ्ठा न होने दिया जाए। कूलर, गमलों, पुराने बर्तनों और टंकियों की समय पर सफाई करना अनिवार्य है। इसके अलावा, डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को दोबारा मच्छरों के संपर्क में आने से बचाना चाहिए ताकि संक्रमण का दायरा आगे न फैले।

 

मच्छरों को दूर भगाने के व्यावहारिक उपाय

मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए दिन हो या रात, नियमित रूप से अच्छी गुणवत्ता वाले मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करना चाहिए। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करना एक सुरक्षित विकल्प है। इसके साथ ही, घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाकर मच्छरों के प्रवेश के सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, इसलिए कूड़ेदानों को समय पर खाली करें और कचरे को हमेशा ढककर रखें ताकि वह मच्छरों की प्रजनन स्थली न बन सके।

 

तुलसी के पौधे का प्राकृतिक लाभ

मच्छरों के संक्रमण को प्राकृतिक और घरेलू तरीकों से रोकने के लिए घर के मुख्य द्वारों या खिड़कियों के पास तुलसी का पौधा लगाना बेहद फायदेमंद माना जाता है। तुलसी की महक और उसके औषधीय गुण प्राकृतिक रिपेलेंट के रूप में कार्य करते हैं, जिससे घर के आसपास मच्छरों का जमावड़ा कम होता है और इस खतरनाक संक्रमण की आशंका काफी हद तक घट जाती है।

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