तब्बू के बाद जान्हवी कपूर को भी राहत, हाईकोर्ट ने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा पर सुनाया फैसला

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक ने जहां आम जीवन में कई सहूलियतें दी हैं, वहीं इसके गंभीर दुष्परिणाम भी सामने आने लगे हैं। एआई के माध्यम से किसी भी व्यक्ति की तस्वीरों, वीडियो और आवाज से छेड़छाड़ कर उनका अवैध इस्तेमाल करना बहुत आसान हो गया है, जिससे कई बार सेलिब्रिटीज और आम लोगों की प्रतिष्ठा पर बड़ा खतरा मंडराने लगता है। इसी प्रकार के ऑनलाइन दुरुपयोग और एआई जनरेटेड डीपफेक खतरों से बचने के लिए अब फिल्मी सितारे कानून का दरवाजा खटखटा रहे हैं। बीते दिनों अभिनेत्री तब्बू ने कोर्ट का रुख किया था, जहां उन्हें राहत मिली, और अब अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।

जान्हवी कपूर ने अदालत से क्या मांग की है?

अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों और गरिमा की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए इंटरनेट से 5,000 से अधिक आपत्तिजनक वेबपेजों, सोशल मीडिया पोस्ट्स और एआई-जनरेटेड कंटेंट को पूरी तरह हटाने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने अनधिकृत फैन पेज के संचालन पर भी रोक लगाने का अनुरोध किया था।

मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनूप जयराम भांभानी ने जान्हवी कपूर से जुड़े अश्लील और पोर्नोग्राफिक ऑनलाइन कंटेंट को हटाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है।

अदालत ने सुनवाई के दौरान क्या टिप्पणियां कीं?

  • याचिका पर निर्देश: अभिनेत्री ने अपनी याचिका में 5,000 से अधिक वेबपेजों, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स, नकली बुकिंग एजेंसियों, चैटबॉट्स और एआई-तैयार अश्लील सामग्रियों को हटाने की मांग की थी।

  • वेबपेजों की सूची: अदालत ने जान्हवी कपूर के कानूनी प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे उन चुनिंदा वेबपेजों की स्पष्ट सूची अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें, जिन पर सीधे तौर पर अश्लील सामग्री मौजूद है या फिर अभिनेत्री के नाम और व्यक्तित्व का उपयोग करके व्यावसायिक वस्तुएं या सेवाएं बेची जा रही हैं।

  • फैन पेज पर फैसला: अदालत ने फिलहाल सोशल मीडिया पर सक्रिय फैन पेज को पूरी तरह हटाने से इनकार कर दिया है, और ऐसा करते हुए न्यायपीठ ने 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' (Freedom of Speech) के अधिकार का हवाला दिया है।

  • अगली सुनवाई: जान्हवी कपूर से जुड़े इस मानहानि और व्यक्तित्व अधिकार मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 17 अगस्त को निर्धारित की गई है।

तब्बू और अन्य कई सितारे भी पहुंच चुके हैं कोर्ट की शरण में

जान्हवी कपूर से पहले अभिनेत्री तब्बू ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस मामले में अदालत ने अभिनेत्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनके नाम, तस्वीर, आवाज या व्यक्तित्व की किसी भी अन्य विशेषता का बिना अनुमति के व्यावसायिक या अनुचित उपयोग करने पर कड़ी रोक लगा दी थी। साथ ही, गूगल, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और रेडिट जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया गया था कि वे तब्बू से जुड़े सभी एआई-जनरेटेड, डीपफेक और अपमानजनक कंटेंट को तुरंत इंटरनेट से हटाएं।

एआई के बढ़ते खतरे के खिलाफ केवल यही अभिनेत्रियां नहीं, बल्कि प्रीति जिंटा, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय, ऋतिक रोशन, करण जौहर, अक्षय कुमार, कुमार सानू और अक्किनेनी नागार्जुन समेत बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार अपनी इमेज और पब्लिसिटी राइट्स की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण ले चुके हैं।

क्या होता है 'व्यक्तित्व अधिकार' (Personality Rights)?

आधुनिक तकनीक और एआई के युग में किसी भी सेलिब्रिटी या आम इंसान की आवाज, चेहरे या शारीरिक हाव-भाव का डुप्लीकेशन करना बेहद आसान हो गया है। इसके जरिए कई बार लोगों को फर्जी विज्ञापनों में या राजनीतिक पार्टियों के प्रचार में बिना उनकी सहमति के दिखाया जाता है।

  • कानूनी सुरक्षा: व्यक्तित्व अधिकार का सीधा अर्थ यह है कि हर इंसान (विशेषकर सार्वजनिक हस्तियों) को अपने नाम, चेहरे, आवाज, हस्ताक्षर और अपनी व्यक्तिगत पहचान से जुड़े प्रतीकों पर पूरा कानूनी अधिकार होता है।

  • अपराध की श्रेणी: यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना किसी पूर्व अनुमति के किसी सेलिब्रिटी की इन व्यक्तिगत पहचानों का कमर्शियल या अपमानजनक उपयोग करता है, तो इसे कानूनन एक गंभीर अपराध माना जाता है और इसके तहत सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

Latest news

Related news