Abhijit Deepak CJP नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक गंभीर मामला उठाते हुए आरोप लगाया है कि हाल ही में 6 और 7 अगस्त को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘फ्यूचरक्राइम समिट 2026’ के दौरान अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) साइबर सुरक्षा कंपनी ‘आर इ सिक्योरिटी’ (RE Security) ने अपने एआई टूल के लाइव डेमो के दौरान उनकी निजी और व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल किया है। दीपके का दावा है कि समिट में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें इस बात की जानकारी दी कि कंपनी ने लाइव प्रदर्शन के दौरान उनकी व्यक्तिगत जानकारियों को बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया था। उनके अनुसार, इस दौरान कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित सरकारी अधिकारी और साइबर सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े दिग्गज प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
Abhijit Deepak CJP : क्या बिना अनुमति के निजी डेटा का एआई डेमो में हुआ इस्तेमाल?
इस पूरे प्रकरण पर कड़ा एतराज जताते हुए अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया है कि यदि किसी भी नागरिक की निजी जानकारी उसकी स्पष्ट सहमति के बिना इस तरह के सार्वजनिक एआई डेमो में उपयोग की जा रही है, तो यह केवल डेटा गोपनीयता (Data Privacy) का साधारण उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील विषय बन जाता है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
क्या विदेशी एआई कंपनियों को मिल रही नागरिकों के डेटा तक पहुंच?
अभिजीत दीपके ने यह भी बड़ा सवाल खड़ा किया है कि क्या देश की सरकारी संस्थाएं विदेशी एआई कंपनियों के साथ मिलकर ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिनके जरिए आम नागरिकों के निजी डेटा और जानकारियों तक आसानी से पहुंच बनाई जा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा है, तो यह देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा संप्रभुता और व्यक्तिगत निजता के लिए बहुत गंभीर चिंता का विषय है।
क्या इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है?
फिलहाल अभिजीत दीपके द्वारा लगाए गए इन तमाम आरोपों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके अलावा, यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उस लाइव डेमो के दौरान प्रदर्शित की गई जानकारी का मूल स्रोत क्या था। वह डेटा सार्वजनिक रूप से पहले से उपलब्ध जानकारी का हिस्सा था या उसे किसी अन्य माध्यम से जुटाया गया था, इसकी भी कोई पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही, यह साफ होना अभी बाकी है कि संबंधित व्यक्ति की अनुमति ली गई थी या नहीं।
कंपनी या सरकार की ओर से क्या आई प्रतिक्रिया?
इस खबर के लिखे जाने तक अमेरिकी कंपनी ‘आर इ सिक्योरिटी’ या किसी भी संबंधित सरकारी विभाग/संस्था की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जैसे ही इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल राजनीतिक दल नहीं बनेगी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)
इसी बीच, छत्रपति संभाजीनगर में एक अन्य घटनाक्रम के तहत कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह आधिकारिक घोषणा की है कि उनका संगठन फिलहाल किसी राजनीतिक दल के रूप में परिवर्तित नहीं होगा। इसके बजाय, CJP आगामी समय में एक मजबूत ‘जनदबाव समूह’ (प्रेशर ग्रुप) के रूप में ही अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा राजनीतिक हालात में भारत को एक नए राजनीतिक दल से कहीं अधिक ऐसे सशक्त जनआंदोलनों और समूहों की आवश्यकता है, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही को लगातार सुनिश्चित करने के लिए उन पर दबाव बनाए रख सकें।
यह अहम निर्णय क्यों लिया गया?
छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित संगठन की दो दिवसीय कोर कमेटी की उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपके ने विस्तार से बताया कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर जनता के मन में बढ़ रही असंतुष्टि का बारीकी से आकलन करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने दोहराया कि CJP आगे भी एक प्रेशर ग्रुप के रूप में जनता की आवाज उठाती रहेगी, क्योंकि देश को इस वक्त एक प्रभावी जनदबाव समूह की सबसे अधिक जरूरत है।
क्या केवल शिक्षा के मुद्दों तक सीमित है CJP का दायरा?
एक सवाल के जवाब में दीपके ने कहा कि उनके संगठन को समाज के हर वर्ग से जो भारी जनसमर्थन मिल रहा है, वह केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, आज बड़ी संख्या में आम नागरिक शासन व्यवस्था में प्रशासनिक जवाबदेही और लोकतांत्रिक पारदर्शिता की मांग को लेकर CJP के साथ जुड़ रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि यही व्यापक और बढ़ता हुआ जनसमर्थन संगठन को एक प्रभावी जनदबाव समूह के रूप में लगातार काम करते रहने के लिए प्रेरित कर रहा है।

