Facebook PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से कुछ घंटों के लिए हटाए जाने के मामले में सोशल मीडिया कंपनी मेटा बैकफुट पर आ गई है. विवाद बढ़ने और सरकार की कड़ी नाराजगी के बाद मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर औपचारिक रूप से माफी मांगी. कंपनी ने स्वीकार किया कि वीडियो हटाया जाना एक गलती थी.
VIDEO | Delhi: Meta global team leaves after meeting top IT Ministry officials following government summons over removal of PM Narendra Modi’s post on Facebook.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/N5GJWmvf2m
— Press Trust of India (@PTI_News) August 5, 2026
Facebook PM Modi :केंद्रीय मंत्री से मेटा ने मांगी माफी
फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कैपलान ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के दौरान कंपनी की ओर से खेद व्यक्त किया. मेटा के बयान के अनुसार, कैपलान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट को रोकने में हुई गलती के लिए उन्होंने मंत्री से माफी मांगी है.
इसके अलावा मेटा के प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन से भी अलग बैठक की.
पांच घंटे तक नहीं दिखा था पीएम मोदी का वीडियो
विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों और देश के युवाओं को संबोधित करते हुए साझा किया गया एक वीडियो फेसबुक पर लगभग पांच घंटे तक उपलब्ध नहीं रहा. इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था.
बताया गया कि यह पोस्ट रात करीब 12:30 बजे से सुबह 5:30 बजे तक प्लेटफॉर्म पर दिखाई नहीं दी, जिसके बाद मामला राजनीतिक और संसदीय स्तर पर पहुंच गया.
निशिकांत दुबे ने दी थी सख्त चेतावनी
भारतीय जनता पार्टी के सांसद और सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित संसदीय समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने मेटा प्रमुख मार्क जकरबर्ग को तीन दिन के भीतर माफी मांगने की चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि यदि मेटा ने माफी नहीं मांगी तो कंपनी को मिलने वाली वैधानिक (Statutory Immunity) सुरक्षा वापस लेने की सिफारिश की जा सकती है.
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मेटा के प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक या अवैध सामग्री के मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज कर अभियोजन चलाया जा सकता है.
संसदीय समिति ने भी जताई थी नाराजगी
लोकसभा सचिवालय की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया था कि संसदीय समिति ने प्रधानमंत्री के वीडियो को कई घंटों तक हटाए जाने की घटना को बेहद गंभीरता से लिया है. समिति ने इसे अभिव्यक्ति और सूचना प्रसार से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला बताते हुए जवाब तलब किया था.
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पहले भी मेटा पर उठ चुके हैं सवाल
यह पहला अवसर नहीं है जब मेटा को अपनी कंटेंट मॉडरेशन नीति को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले भी कंपनी के सीईओ मार्क जकरबर्ग कई मामलों जैस डीपफेक और बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री की निगरानी आदि शामिल है. इन मामलों पर मार्क जकरबर्ग सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं.
अब प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो विवाद में माफी मांगने के बाद यह साफ है कि भारत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है.

