Baleshwar Mahadev Temple देहरादून: सावन के पवित्र माह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की पहल करते हुए चंपावत स्थित ऐतिहासिक बालेश्वर महादेव मंदिर का एक विशेष वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया. वीडियो के जरिए उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से इस प्राचीन मंदिर के दर्शन करने और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने की अपील की.
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि बालेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव की अटूट आस्था, समृद्ध इतिहास और उत्कृष्ट स्थापत्य कला का अद्भुत संगम है. उन्होंने बताया कि मंदिर की पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी और प्राचीन शिल्पकला आज भी उत्तराखंड की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत की जीवंत कहानी बयां करती है.
देवभूमि उत्तराखंड के चंपावत जनपद में स्थित प्राचीन बालेश्वर मंदिर भगवान शिव की दिव्य आस्था, समृद्ध इतिहास और अद्भुत स्थापत्य कला का अनुपम संगम है। पत्थरों पर उकेरी गई इसकी बेजोड़ नक्काशी और प्राचीन शिल्पकला सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत की गौरवगाथा सुनाती है।
अपने चंपावत आगमन… pic.twitter.com/lsedEDlYar
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 3, 2026
Baleshwar Mahadev Temple:CM Dhami ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से की विशेष अपील
सीएम धामी ने कहा कि जो भी श्रद्धालु या पर्यटक चंपावत की यात्रा पर आएं, वे इस ऐतिहासिक शिव मंदिर के दर्शन अवश्य करें. उनके अनुसार यहां आने वाले लोगों को न केवल आध्यात्मिक शांति का अनुभव होगा, बल्कि उत्तराखंड की प्राचीन कला, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को भी करीब से जानने का अवसर मिलेगा.
सावन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
राज्य सरकार पिछले कुछ समय से उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री धामी समय-समय पर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की जानकारी साझा करते रहे हैं. इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
ऐतिहासिक और स्थापत्य महत्व का केंद्र
चंपावत का बालेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख प्राचीन शिव मंदिरों में गिना जाता है. यह मंदिर अपनी अद्वितीय पत्थर की नक्काशी, प्राचीन वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण देशभर के श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र है. सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

