ePravesh में रिकॉर्ड एडमिशन: 5.24 लाख छात्रों ने कराया प्रवेश

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उच्च शिक्षा विभाग की ई-प्रवेश प्रणाली ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान एक नया इतिहास रचा है। प्रदेश भर के 2 हजार 1 महाविद्यालयों में रिकॉर्ड 7 लाख 51 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया, जिसमें से 6 लाख 60 हजार से अधिक छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन कर 5 लाख 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक प्रवेश दिया गया है।

ई-प्रवेश प्रणाली ने दर्ज की ऐतिहासिक बढ़ोतरी

उच्च शिक्षा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में डिजिटल प्रवेश प्रक्रिया के प्रति विद्यार्थियों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में जहां 3 लाख 21 हजार से अधिक छात्रों ने दाखिला लिया था, वहीं इस सत्र में यह संख्या बढ़कर 5 लाख 24 हजार से ऊपर पहुंच गई है। बीते वर्ष की तुलना में इस बार 65 हजार 840 अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जो कि 14.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।

स्नातक और स्नातकोत्तर में दाखिले का नया रिकॉर्ड

स्नातक स्तर पर कुल 4 लाख 58 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 3 लाख 60 हजार 902 छात्रों ने प्रवेश प्राप्त किया। इसी प्रकार स्नातकोत्तर स्तर पर 1 लाख 66 हजार से अधिक पंजीयन हुए और 1 लाख 14 हजार 802 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। स्नातकोत्तर स्तर पर पिछले साल के मुकाबले 44.8 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

एनसीटीई और सामान्य कॉलेजों में बढ़ा रुझान

प्रदेश के 566 शासकीय महाविद्यालयों, निजी संस्थानों और 745 एनसीटीई महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की गई। एनसीटीई पाठ्यक्रमों के अंतर्गत 1 लाख 25 हजार से अधिक छात्रों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 48 हजार 344 विद्यार्थियों ने सीटें हासिल कीं। ई-प्रवेश पोर्टल और मोबाइल ऐप की मदद से विद्यार्थियों को घर बैठे पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन और शुल्क भुगतान की सुविधा प्राप्त हुई।

छात्रों की सहायता के लिए स्थापित की गई व्यवस्थाएं

विद्यार्थियों की सुविधा और समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए प्रदेश भर के कॉलेजों में हेल्प सेंटर बनाए गए तथा 24 घंटे कार्य करने वाले कॉल सेंटर की व्यवस्था की गई। इस बार कॉलेज लेवल काउंसिलिंग चरण को पूरी तरह से विद्यार्थी-केंद्रित रखते हुए एक ही दिन में पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में अत्यधिक सुगमता हुई।

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