नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच शहर में खेल के मैदान की भूमि पर सांदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रस्तावित निर्माण का विरोध अब व्यापक रूप से सड़कों पर आ गया है। शनिवार की सुबह भारत माता चौराहा पर एक अनोखा और मुखर नजारा देखने को मिला, जहां शहर के ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने के लिए मैदान बचाओ समिति के बैनर तले खिलाड़ी, युवा और तमाम नागरिक सड़क पर उतर आए। प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है।
सड़क पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर प्रशासन के खिलाफ अनोखा रोष
मौजूद नागरिकों और खिलाड़ियों ने प्रशासन की आंखें खोलने के लिए बीच सड़क पर ही क्रिकेट खेलना और फुटबॉल को किक मारना शुरू कर दिया। यह कोई साधारण प्रतियोगिता या मनोरंजन नहीं था, बल्कि कंक्रीट के जंगलों में तब्दील हो रहे शहर के बीच खेल गतिविधियों के लिए जगह बचाने की एक अनूठी गुहार थी। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि वे शिक्षा के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उनका विरोध केवल इस बात को लेकर है कि स्कूल के निर्माण के लिए किसी अन्य खाली और उपयुक्त भूमि का चयन किया जाना चाहिए।
मैदान बचाने के लिए उठी आवाज और नागरिकों की बड़ी चिंता
मैदान बचाओ समिति और स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि यह केवल कुछ खिलाड़ियों की लड़ाई नहीं है, बल्कि हर उस अभिभावक की चिंता है जो अपने बच्चों को खुली हवा में खेलते और स्वस्थ देखना चाहता है। आंदोलनकारियों में शामिल मुर्तजा डेरकी, किर्ति पंचोली और अन्य वक्ताओं ने दो टूक कहा कि यह मैदान सिर्फ मिट्टी का टुकड़ा नहीं बल्कि नीमच के खेल इतिहास की धड़कन है, और यदि इस पर इमारत बन गई तो शहर का खेल भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाएगा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से वैकल्पिक जमीन की अपील
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि बच्चों से उनके खेलने के मैदान छीन लिए गए तो वे मोबाइल की स्क्रीन तक सीमित रह जाएंगे या फिर सड़कों के खतरनाक ट्रैफिक के बीच खेलने को मजबूर होंगे। अंत में सभी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हाथ जोड़कर यह गंभीर अपील की है कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल निर्माण के लिए तत्काल प्रभाव से कोई अन्य वैकल्पिक जगह तय की जाए।

