नई दिल्ली| केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को सरकार के समक्ष उपस्थित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोशल मीडिया पोस्ट पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है, जिस पर हाल ही में फेसबुक द्वारा अस्थायी रोक लगा दी गई थी। इस उच्चस्तरीय बैठक के अगले सात से दस दिनों के भीतर आयोजित होने की संभावना है।
तकनीकी और नीतिगत स्तर पर मांगा गया स्पष्टीकरण
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम को गहराई से समझना चाहती है और इसके लिए मेटा से नीतिगत तथा तकनीकी दोनों ही स्तरों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत सरकार अपनी चिंताओं को सीधे तौर पर मेटा के शीर्ष प्रबंधन तक पहुंचाना चाहती है और उन तमाम परिस्थितियों की पूरी जानकारी मांग रही है जिनकी वजह से प्रधानमंत्री की पोस्ट पर यह अस्थायी रोक लगाई गई थी।
मेटा की ओर से जताया गया खेद और नया प्रोटोकॉल
सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि मेटा ने इस पूरी घटना पर पहले ही अपना खेद व्यक्त करते हुए सरकार को शुरुआती जवाब भेज दिया था। हालांकि, केंद्र सरकार का मानना है कि वह स्पष्टीकरण अभी अपर्याप्त है, इसलिए और अधिक विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है, जिसमें यह भी शामिल है कि कंपनी भविष्य में इस तरह की चूक को रोकने के लिए क्या पुख्ता कदम उठा रही है।
मेटा ने सरकार को यह भी अवगत कराया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कंपनी ने 28 जुलाई से एक नया और उन्नत प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। इस अद्यतन प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री और अन्य विशिष्ट (हाई-प्रोफाइल) खातों से साझा किए जाने वाले कंटेंट पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी, ताकि अनजाने में लगने वाले प्रतिबंधों से सुरक्षा के उपायों को और अधिक मजबूत किया जा सके।
क्या था पूरा मामला?
गत 23 जुलाई को शेयर किए गए एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं और छात्रों को संबोधित किया था। इस वीडियो में उन्होंने नीट परीक्षा के पेपर लीक मामलों पर सरकार द्वारा की जा रही कठोर कार्रवाई का संकल्प दोहराया था। हालांकि मेटा ने इस तकनीकी गड़बड़ी के लिए माफी मांगते हुए इसे एक सॉफ्टवेयर फॉल्ट बताया था, लेकिन सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए इसकी गहराई से जांच और जवाबदेही तय करने की बात कही है।

