योगी सरकार का बड़ा फैसला: IIT कानपुर और IIM इंदौर बने यूपी जल निगम ग्रामीण के नॉलेज पार्टनर, AI से होगी जल योजनाओं की निगरानी

UP Jal Nigam लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और जल प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों आईआईटी कानपुर (ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन) और आईआईएम इंदौर को अपना नॉलेज पार्टनर बनाने का निर्णय लिया है. इस पहल के जरिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली का उपयोग कर ग्रामीण जलापूर्ति, नदियों की सफाई और पुनरुद्धार को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनाया जाएगा.

UP Jal Nigam :हर घर शुद्ध जल का संकल्प होगा पूरा

उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक डॉ. राज शेखर ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए संचालित, निर्माणाधीन और भविष्य की सभी योजनाओं की आधुनिक तकनीक से निगरानी समय की जरूरत है. इसी उद्देश्य से विभाग ने आईआईटी कानपुर और आईआईएम इंदौर को नॉलेज पार्टनर बनाया है. उन्होंने बताया कि आईआईएम इंदौर के साथ समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जबकि आईआईटी कानपुर के साथ औपचारिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर ली जाएंगी.

IIT कानपुर विकसित करेगा AI आधारित निगरानी प्रणाली

आईआईटी कानपुर के सहयोग से जल योजनाओं में AI आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा. इसके माध्यम से—

  • पाइपलाइन में लीकेज की समय रहते पहचान होगी.
  • जल दबाव (Water Pressure) की 24 घंटे निगरानी होगी.
  • क्लोरीन स्तर पर लगातार नजर रखी जाएगी.
  • जल गुणवत्ता की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी.
  • सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संचालन एवं रखरखाव को और प्रभावी बनाया जाएगा.

इसके अलावा विशेषज्ञ मौजूदा जल योजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन कर उन्हें अधिक सक्षम, किफायती और दीर्घकालिक बनाने के सुझाव देंगे.

डिजिटल ऐप और डैशबोर्ड से होगा शिकायतों का त्वरित समाधान

नई व्यवस्था के तहत एक एकीकृत डिजिटल ऐप और स्मार्ट डैशबोर्ड भी विकसित किया जाएगा. इसके जरिए नागरिक जलापूर्ति से जुड़ी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. इससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा तथा योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी.

IIM इंदौर करेगा संस्थागत और वित्तीय सुधार

आईआईएम इंदौर उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) में संस्थागत, प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों की जिम्मेदारी संभालेगा. इसके अंतर्गत—

  • मानव संसाधन (HR) का पुनर्गठन
  • परिचालन एवं रखरखाव (O&M) लागत में कमी
  • वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाना
  • राजस्व के नए स्रोत विकसित करना
  • आधुनिक प्रबंधन प्रणाली लागू करना

जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे.

जल योजनाएं होंगी अधिक पारदर्शी और टिकाऊ

योगी सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित जल प्रबंधन से न केवल पानी की बर्बादी रुकेगी, बल्कि योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी. AI, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक प्रबंधन के समन्वय से ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ बनेगी और प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.

योगी सरकार का लक्ष्य

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाए. इसके साथ ही नदियों की सफाई, जल संरक्षण और जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन को भी नई तकनीक के माध्यम से मजबूत किया जाए. IIT कानपुर और IIM इंदौर की विशेषज्ञता इस दिशा में उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

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