बंगलुरु: कर्नाटक सरकार में खाली पड़े मंत्री पदों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार मंगलवार सुबह एचएएल (HAL) हवाई अड्डे से विशेष विमान के जरिए दिल्ली रवाना हो गए हैं। दोनों शीर्ष नेता राजधानी में पार्टी के उच्च नेतृत्व के साथ बैठक कर मंत्रिमंडल के विस्तार की अंतिम रूपरेखा तैयार करेंगे।
3 जून के बाद से खाली पड़े पदों पर फैसला संभव
डी.के. शिवकुमार द्वारा 3 जून को पद संभालने के बाद से ही कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं चल रही थीं। आगामी 6 अगस्त से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा सत्र को देखते हुए पार्टी पर खाली सीटों को जल्द से जल्द भरने का भारी दबाव है। वर्तमान में कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री को मिलाकर केवल 14 सदस्य ही शामिल हैं, जबकि 20 मंत्री पद अब भी खाली हैं।
दिल्ली में विधायकों का जमावड़ा और लॉबिंग जारी
जैसे ही दोनों नेताओं के दिल्ली जाने की सूचना सामने आई, मंत्री पद की दौड़ में शामिल विधायकों की सक्रियता बढ़ गई है। कई दावेदार विधायक पहले ही दिल्ली पहुँचकर वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय और मुस्लिम नेता मंत्रिमंडल में चार स्थानों की मांग कर रहे हैं। इस दौड़ में बी.जेड. जमीर अहमद खान भी एक प्रमुख दावेदार के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
शपथ ग्रहण और नए विधानसभा अध्यक्ष पर निगाहें
माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली बैठक में अधिकांश खाली पदों पर सहमति बन जाएगी। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह इसी गुरुवार या शुक्रवार को आयोजित किया जा सकता है। इसके साथ ही कांग्रेस आलाकमान नए विधानसभा अध्यक्ष के नाम पर भी मुहर लगाएगा, क्योंकि पूर्व अध्यक्ष यू.टी. खादर के पद छोड़ने और स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद से यह पद खाली है।

