जंतर-मंतर पर हंगामा, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित किए जा रहे 'संसद चलो मार्च' के दौरान भारी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली। संसद भवन की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हजारों की संख्या में मौजूद आंदोलनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स की मजबूत घेराबंदी कर रखी थी। जैसे ही भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।

बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश पर पुलिस का कड़ा एक्शन

संसद के मानसून सत्र के प्रथम दिवस कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर हजारों कार्यकर्ता और छात्र संसद की ओर कूच करने के लिए जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए थे। क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 प्रभावी होने के कारण पुलिस दल लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से शांति बनाए रखने और प्रदर्शन स्थगित करने का आग्रह कर रहा था। प्रदर्शनकारियों ने जैसे ही संसद मार्ग और रफी मार्ग पर लगे बहुस्तरीय सुरक्षा बैरिकेड्स को गिराने का प्रयास किया, पुलिस बल ने स्थिति को संभालने के लिए बल प्रयोग करते हुए भीड़ को खदेड़ दिया।

सफदरजंग अस्पताल परिसर के आसपास सुरक्षा सख्त

जंतर-मंतर पर घटित घटनाक्रम के बाद सफदरजंग अस्पताल परिसर के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक चाक-चौबंद कर दी गई है। अस्पताल में उपचाराधीन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पहले से ही अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि शांतिपूर्वक अपनी मांग रख रहे युवाओं और विद्यार्थियों पर अकारण बल प्रयोग किया गया, जिससे अनेक लोग चोटिल हो गए हैं।

लुटियंस जोन में यातायात ठप होने से आमजन परेशान

घटना के बाद संपूर्ण नई दिल्ली क्षेत्र को कड़ी सुरक्षा छावनी में बदल दिया गया है, जिसके फलस्वरूप लुटियंस दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह डगमगा गई है। पार्लियामेंट स्ट्रीट, रायसीना रोड, रफी मार्ग और अशोक रोड पर सामान्य वाहनों के आवागमन को पूरी तरह रोक दिया गया है। पटेल चौक और विजय चौक पर दंगा रोधी वाहनों तथा रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की वजह से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कानून-व्यवस्था तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने या निषेधाज्ञा के नियमों का उल्लंघन कर सार्वजनिक मार्गों पर उपद्रव करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह स्थापित रहे।

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