गोंडा में 11 ग्राम पंचायत अधिकारियों पर गिरी गाज, सार्वजनिक शौचालय और पंचायत भवनों की बदहाली पर नोटिस जारी

Gonda Gram Panchayat गोंडा : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सार्वजनिक सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर पंचायती राज विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) जीडी जैन ने पंडरीकृपाल विकासखंड के 11 ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है.

Gonda Gram Panchayat:निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां

खंड विकास अधिकारी पंडरीकृपाल द्वारा 9 जुलाई को किए गए निरीक्षण में कई अनियमितताएं उजागर हुईं. रिपोर्ट के अनुसार कई सामुदायिक शौचालय नियमित रूप से बंद मिले,उनकी साफ-सफाई संतोषजनक नहीं थी और केयरटेकर का मानदेय भी समय पर नहीं दिया जा रहा था.

इसके अलावा कई पंचायत भवन और ग्राम सचिवालय निर्धारित समय पर नहीं खुले, जिससे ग्रामीणों को प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ा. पंचायत सहायकों की उपस्थिति भी अनियमित पाई गई.

आरआरसी सेंटर बंद, ई-रिक्शा भी नहीं हो रहे इस्तेमाल

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत बनाए गए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) बंद पड़े हैं. कचरे के पृथक्करण और निस्तारण की व्यवस्था ठप मिली.

वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत खरीदे गए ई-रिक्शा भी उपयोग में नहीं लाए जा रहे थे, जिससे घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

इन अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस

डीपीआरओ ने ग्राम विकास अधिकारी अंकित वर्मा, सुनील यादव, राहुल चंद्रा तथा ग्राम पंचायत अधिकारी सज्जाद खान, सुभाष चंद्र पांडेय, विनय कुमार भारती, सरिता शुक्ला, नीलू सिंह, आलोक कुमार सिंह, रजनीश कुमार और अवधेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

सभी अधिकारियों को फोटो और वीडियो साक्ष्य के साथ एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

छह ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के चयन को मंजूरी

इस बीच गोंडा जिले की छह ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-कम-डेटा एंट्री ऑपरेटर के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है. डीपीआरओ जीडी जैन ने बताया कि 13 जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने चयनित अभ्यर्थियों की पात्रता की जांच कर उनके चयन को मंजूरी दे दी.

चयनित अभ्यर्थियों में चेतना सिंह, सुनीता वर्मा, अलीमा, रत्नेश कनौजिया, संगीता यादव और सुनैना शर्मा शामिल हैं. अब संबंधित ग्राम पंचायतों में अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर नियुक्तियां की जाएंगी. डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधानों को अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर कर पंचायतीराज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए हैं.

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