India’s first hydrogen train जींद: भारत को हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भारतीय रेल एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है. देश की पहली पर्यावरण-अनुकूल ‘हाइड्रोजन ट्रेन’ आगामी 17 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार से पटरी पर अपनी रफ्तार भरने के लिए पूरी तरह तैयार है.
India’s first hydrogen train operates with two 1,200 kW hydrogen fuel cell power cars totaling 2,400 kW and has a range of about 250 km per hydrogen fill. pic.twitter.com/UYqoQcfqY0
— Indian Data Factory (@IndianDataInfo) July 15, 2026
India’s first hydrogen train : हरियाणा के जींद-सोनीपत रेल खंड से शुरू होगी सेवा
यह गौरवशाली रेल सेवा हरियाणा के जींद-सोनीपत रेल खंड पर शुरू होने जा रही है. इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन के भव्य उद्घाटन को लेकर रेलवे मंत्रालय और उत्तर रेलवे प्रशासन ने अपनी सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है. भारत की इस महान तकनीकी उपलब्धि को वैश्विक पटल पर दर्ज कराने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को विशेष समारोह के दौरान इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.
सोनीपत जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की हुई समीक्षा
इस ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह की महत्ता को देखते हुए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कमान संभाल ली है. दिल्ली मंडल के एडिशनल डिवीजनल रेलवे मैनेजर (ADRM) संजीव कुमार सिन्हा विशेष रूप से जींद रेलवे जंक्शन पहुंचे. उन्होंने वहां विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की.
एडीआरएम ने प्लेटफॉर्म नंबर एक, मुख्य समारोह स्थल, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा घेरे का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उद्घाटन के समय यात्रियों और विशिष्ट अतिथियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए. जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली इस ट्रेन के ट्रायल रन की सफलता के बाद अब इसके नियमित परिचालन को लेकर रेलकर्मियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
जींद में एसपीजी ने संभाला मोर्चा,विशेष हेलीपैड का लिया जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की संवेदनशीलता को देखते हुए देश की सर्वोच्च सुरक्षा एजेंसी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने जींद में अपना डेरा डाल दिया है. एसपीजी के कमांडो और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से अभेद्य बना दिया है.
सुरक्षा अधिकारियों ने जींद रेलवे जंक्शन के चप्पे-चप्पे की मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों के जरिए सघन जांच की. इसके अलावा, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU) के परिसर में वीवीआईपी लैंडिंग के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए तीन हेलीपैड का भी एसपीजी अधिकारियों और जिला प्रशासन द्वारा हवाई व जमीनी निरीक्षण किया गया, ताकि सुरक्षा मानकों में कोई कसर न रह जाए.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की तैयारियों की समीक्षा
इस महा-परियोजना के शुभारंभ से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी नागरिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं का खुद जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए आने वाले हजारों लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए.
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश की पहली प्रदूषण-मुक्त हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन हरियाणा की धरती (जींद से सोनीपत) पर होना पूरे प्रदेश के लिए बेहद गर्व की बात है. यह ट्रेन न केवल भारतीय रेल का भविष्य बदलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी.

