बंटी यादव किडनैपिंग केस में बड़ी कार्रवाई, लापरवाही के आरोप में 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

पटना। बिहार की राजधानी में बहुचर्चित बंटी यादव अपहरण कांड में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने त्वरित कार्रवाई की है। इस विभागीय कार्रवाई के तहत दो सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) समेत कुल चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।

ड्यूटी में बड़ी लापरवाही पर गिरी गाज

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में सहायक उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार पंकज, सहायक उपनिरीक्षक अवधेश कुमार, आरक्षी वीर बहादुर सिंह और होमगार्ड जवान सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं। इन चारों पर आरोप है कि जब शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब वे अपनी तय जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तरफ से साफ संकेत दिए गए हैं कि आम जनता की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर होने वाली कोताही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटनास्थल के बेहद करीब होने के बावजूद नहीं मिली भनक

यह पूरी गाज छह जुलाई की रात को घटित हुए बंटी यादव के अपहरण मामले के बाद गिरी है। विभागीय जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस वक्त बदमाश बेखौफ होकर अपहरण की इस वारदात को अंजाम दे रहे थे, उस समय ये चारों पुलिसकर्मी घटनास्थल से महज सौ मीटर की दूरी पर तैनात थे। इन पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी इलाके में गश्ती करने और आपातकालीन सेवा डायल-११२ के तहत तुरंत एक्शन लेने की थी, लेकिन इतनी निकटता के बावजूद इन्हें वारदात की खबर तक नहीं लगी और न ही इन्होंने समय रहते अपराधियों को पकड़ने का कोई प्रयास किया।

निलंबन के बाद नए मुख्यालय में उपस्थिति के निर्देश

एसपी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक निलंबन आदेश के अनुसार, इन सभी चारों पुलिसकर्मियों को उनके वर्तमान थाना क्षेत्र और जिम्मेदारियों से तुरंत मुक्त कर दिया गया है। निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान उनका नया प्रशासनिक मुख्यालय नवीन पुलिस लाइन, पटना निर्धारित किया गया है। उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी देरी के नए मुख्यालय में अपनी आमद दर्ज कराएं और निलंबन काल के नियमों का पूरी तरह से पालन करें।

तीन दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का अल्टीमेटम

इस निलंबन की कार्रवाई के साथ ही विभाग ने आरोपियों को अपनी सफाई पेश करने का एक मौका भी दिया है। सभी निलंबित पुलिसकर्मियों को लिखित आदेश जारी कर यह निर्देशित किया गया है कि वे अगले तीन दिनों के भीतर इस गंभीर लापरवाही के संबंध में अपना स्पष्टीकरण पुलिस मुख्यालय के समक्ष प्रस्तुत करें। निर्धारित समय सीमा में उचित और संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में उनके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत और अधिक कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।

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