रायपुर के आत्मानंद स्कूलों में शिक्षक भर्ती पर ब्रेक, 33 स्कूलों के 152 संविदा पद रिक्त

रायपुर: रायपुर के 33 आत्मानंद स्कूलों में संविदा शिक्षकों के 152 पद अब भी खाली पड़े हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने इन स्कूलों में चल रही संविदा भर्ती की प्रक्रिया को पूरी तरह से रद्द कर दिया है।

दरअसल, कुछ महीने पहले इन स्कूलों में संविदा के तहत 152 पदों को भरने के लिए आवेदन मंगाए गए थे। इसके बाद 26 मई को पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी गई थी। उम्मीदवार इसके बाद मेरिट लिस्ट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इसी बीच विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को ही निरस्त करने का फैसला ले लिया।

बिना शिक्षकों के ही शुरू हो गईं कक्षाएं, नए आदेश का इंतजार

विभागीय आदेश के अनुसार, अब यह भर्ती प्रक्रिया सीधे लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के स्तर पर आयोजित की जाएगी। इस आदेश को जारी हुए करीब डेढ़ महीने बीत चुके हैं और 16 जून से पूरे प्रदेश के स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू हो चुका है। इसके बावजूद अब तक नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं दिख रही है, जिससे संविदा शिक्षक अब विभाग के अगले निर्देश की राह देख रहे हैं।

इन प्रमुख स्कूलों में खाली हैं सबसे ज्यादा पद

रायपुर जिले में कुल 33 आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल चलाए जा रहे हैं। साल 2023 से शशिबाला स्कूल गुढ़ियारी, सप्रे स्कूल बूढ़ापारा, काशीराम स्कूल भनपुरी, गवर्नमेंट स्कूल रायपुरा और गवर्नमेंट स्कूल त्रिमूर्ति नगर को भी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के तौर पर अपग्रेड कर संचालित किया जा रहा है।

इनमें भनपुरी और शशिबाला स्कूल सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं और इन्हीं दोनों स्कूलों में सबसे ज्यादा 11-11 पद रिक्त हैं। खाली पदों में हिंदी, संस्कृत, कॉमर्स, बायोलॉजी, आर्ट्स और फिजिक्स के व्याख्याता (लेक्चरर) के अलावा हिंदी-अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक, सहायक शिक्षक, पीटीआई और लैब अटेंडेंट के पद शामिल हैं।

अब मेरिट के बजाय लिखित परीक्षा के आधार पर हो सकती है भर्ती

पहले आत्मानंद स्कूलों में संविदा पदों पर भर्ती के लिए ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के नंबरों के आधार पर मेरिट बनाई जाती थी और फिर इंटरव्यू लेकर अंतिम चयन होता था। हर एक पद के मुकाबले 10 उम्मीदवारों को दस्तावेज जांच के लिए बुलाया जाता था। लेकिन सूत्रों की मानें तो अब व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है और विभाग इसके लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) कराने पर विचार कर रहा है। हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक गाइडलाइन जारी नहीं हुई है।

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