Bankipur Bypoll Controversy : बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के बाद लगातार भाजपा के लिए कोई ना कोई परेशानी खड़ी हो रही है. सभी प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं और चुनावी गुणा गणित का दौर भी चल रहा है.भाजपा ने शुक्रवार को अपने एक उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा की नाम वापसी के बाद नया कैडिडेट नीरज सिन्हा को मैदान में उतारा,लेकिन अब इस नये उम्मीदवार को लेकर नया विवाद सामने आया है.
Bankipur Bypoll Controversy:RJD ने बायोडेटा में बताई बड़ी गड़बड़ी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा के आधिकारिक बायोडेटा पर सवाल उठाए हैं.आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का दावा है कि बीजेपी द्वारा जारी बायोडेटा में नीरज सिन्हा का जन्म वर्ष 1994 दर्ज है.
इसके साथ ही उसी बायोडेटा में यह भी उल्लेख है कि उन्होंने साल 2006 में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी. आरजेडी का कहना है कि यदि जन्म वर्ष 1994 सही माना जाए, तो 2006 में उनकी उम्र केवल 12 वर्ष होती. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बीजेपी ने 12 साल के बच्चे को पार्टी का सदस्य बना लिया था?
‘यह क्या खेल चल रहा है?’
मृत्युंजय तिवारी ने इस कथित विसंगति को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को अपने उम्मीदवारों की जानकारी जारी करने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश?
पहले टिकट पर विवाद, अब बायोडेटा चर्चा में
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी पहले ही टिकट चयन को लेकर विपक्ष के निशाने पर रही है. अब उम्मीदवार के बायोडेटा में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद विपक्ष को सरकार और बीजेपी पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है.
हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक आरजेडी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यह स्पष्ट नहीं है कि बायोडेटा में दर्ज जानकारी टाइपिंग की गलती है या किसी अन्य कारण से यह विसंगति सामने आई है.
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी तल्खी
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को बिहार की सबसे प्रतिष्ठित सीटों में माना जा रहा है. ऐसे में उम्मीदवारों को लेकर उठ रहे विवाद चुनावी बहस का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि बीजेपी इस विवाद पर क्या सफाई देती है और चुनाव प्रचार के दौरान यह मुद्दा कितना असर डालता है.

