हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर चलाई गोली, एनकाउंटर में हुआ घायल

जालंधर। पंजाब के जालंधर में गढ़ा रोड गोलीबारी कांड के वांटेड अपराधी श्यामदास और स्थानीय पुलिस बल के बीच देर रात एक भीषण मुठभेड़ हो गई। पुलिस कमिश्नरेट की टीम जब आरोपी को दबोचकर वारदात में प्रयुक्त असलहा बरामद करने के लिए चिन्हित स्थान पर ले गई थी, तभी उसने अचानक खाकी पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक गोली बदमाश के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं ढेर हो गया। घायल अवस्था में मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत नजदीक के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।

हथियार बरामदगी के दौरान चकमा देकर पुलिस पर दागीं गोलियां

पुलिस अधिकारियों ने मुठभेड़ की कड़ियों का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ा गया गैंगस्टर श्यामदास मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले का निवासी है, जिसे हाल ही में एनडीपीएस (मादक पदार्थ निरोधक) अधिनियम के तहत दबोचा गया था। पुलिस रिमांड के दौरान कड़ाई से हुई पूछताछ में उसने कुबूल किया था कि गढ़ा क्षेत्र की एक सुनसान जगह पर उसने अवैध हथियार छिपा रखे हैं। जब पुलिस टीम उसे लेकर मौका-ए-वारदात पर पहुंची, तो उसने जांच दल को गमा देते हुए वहां छिपाए गए पिस्तौल से अचानक दो राउंड सीधे फायर झोंक दिए, जिसके जवाब में पुलिस को भी मोर्चा संभालना पड़ा।

हत्या के प्रयास में था फरार और बिहार से पंजाब तक जुड़ा था नेटवर्क

अन्वेषण में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि यह शातिर अपराधी गढ़ा इलाके में ही दर्ज जानलेवा हमले (भारतीय दंड संहिता की पूर्ववर्ती धारा 307) के एक संगीन मामले में लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भागा फिर रहा था। पुलिस का पुख्ता दावा है कि इस वांटेड क्रिमिनल के तार अंतराज्‍यीय स्तर पर जुड़े हुए थे और इसका एक संगठित नेटवर्क बिहार से लेकर पंजाब के विभिन्न जिलों तक सक्रिय था। यह गिरोह हथियारों की अवैध सप्लाई के साथ-साथ बड़े पैमाने पर नशा तस्करी और मादक पदार्थों के अवैध धंधे को संचालित करने में भी पूरी तरह संलिप्त था।

फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य और दर्ज होगा नया आपराधिक मुकदमा

इस सनसनीखेज मुठभेड़ के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की विशेष टीम ने देर रात ही घटनास्थल का मुआयना किया और वहां से कारतूसों के खोखे व अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी श्यामदास के स्वास्थ्य में सुधार होते ही उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जान लेने की नीयत से किए गए इस हमले को लेकर उसके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने की नई धाराओं के तहत एक और आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

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