रायपुर : राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम छोर पर खड़े लोगों तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। सुशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है कि आज ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को आवास, आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ समय पर मिल रहा है। बालोद जिले के ग्राम सोंहपुर निवासी एवं पेशे से चरवाहे बालमुकुंद यादव का परिवार इसका प्रेरक उदाहरण है, जिनके जीवन में विभिन्न शासकीय योजनाओं ने नई उम्मीद और आर्थिक स्थिरता का संचार किया है।
रोजी-रोटी के लिए मवेशी चराने का कार्य करने वाले बालमुकुंद यादव के परिवार को केंद्र एवं राज्य शासन की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का आवास उपलब्ध हुआ है, जिससे वर्षों पुरानी सुरक्षित आवास की चिंता समाप्त हो गई है। अब उनका परिवार एक सुरक्षित और सम्मानजनक घर में जीवनयापन कर रहा है।
परिवार की महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महतारी वंदन योजना प्रभावी साबित हुई है। इस योजना के तहत उनकी माता और पत्नी के बैंक खातों में प्रतिमाह निर्धारित राशि सीधे अंतरित हो रही है। इससे उन्हें घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आर्थिक संबल मिला है और आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई है।
भूमिहीन होने के कारण बालमुकुंद यादव के परिवार को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्राप्त हो रही है। यह सहायता उनके परिवार के लिए कठिन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण सहारा बन रही है और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार सिद्ध हो रही है।
बालमुकुंद यादव बताते हैं कि एक समय पक्का मकान बनाना और परिवार के लिए नियमित आर्थिक सहायता की कल्पना भी कठिन थी। आज शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उनका परिवार सुरक्षित आवास, महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक सहायता और वार्षिक वित्तीय सहयोग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान किया है।
यादव ने जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की संवेदनशील नीतियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और भूमिहीन परिवारों का जीवन तेजी से बदल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसी योजनाएं आगे भी जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी।

