Patna fire audit पटना : दीदारगंज स्थित तेल फैक्ट्री में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बिहार प्रशासन ने राजधानी पटना में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. हादसे से सबक लेते हुए बिहार अग्निशमन सेवा ने शहर की औद्योगिक इकाइयों, गोदामों और फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है.
Patna fire audit : 27 विशेष टीमें करेंगी फायर ऑडिट
अग्निशमन विभाग ने इस विशेष अभियान के लिए 27 टीमों का गठन किया है. ये टीमें पटना के विभिन्न इलाकों में स्थित औद्योगिक प्रतिष्ठानों, बड़े गोदामों और फैक्ट्रियों का चरणबद्ध तरीके से फायर ऑडिट करेंगी.
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित संस्थानों में अग्निशमन उपकरण पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं या नहीं, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था कैसी है और फायर सेफ्टी के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं.
ज्वलनशील पदार्थों वाली इकाइयों पर रहेगा विशेष फोकस
इस अभियान में सबसे पहले उन औद्योगिक इकाइयों की जांच की जाएगी, जहां केमिकल, खाद्य तेल, प्लास्टिक, पेंट और अन्य ज्वलनशील पदार्थों का उत्पादन या बड़े पैमाने पर भंडारण किया जाता है. प्रशासन का मानना है कि ऐसी जगहों पर आग लगने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए यहां सुरक्षा मानकों की कड़ी जांच आवश्यक है.
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश पांडेय ने स्पष्ट किया है कि फायर सेफ्टी नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य में हादसे रोकने की पहल
अधिकारियों के अनुसार इस विशेष फायर ऑडिट अभियान का उद्देश्य केवल नियमों की औपचारिक जांच करना नहीं, बल्कि भविष्य में दीदारगंज जैसे बड़े अग्निकांडों की पुनरावृत्ति रोकना और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है.
प्रशासन का मानना है कि नियमित फायर ऑडिट और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन ही ऐसे हादसों पर प्रभावी नियंत्रण का सबसे बड़ा उपाय है.





