राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सभी 8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत ,13 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

Ram Mandir Theft Case:अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा (दान) चोरी मामले में सोमवार को तीन दिन की कस्टडी खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. सभी 8 आरोपियों की  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विशेष अदालत में पेशी कराई गई. सुनवाई के दौरान पुलिस ने किसी भी आरोपी की कस्टडी रिमांड की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया.

अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होगी. उस दिन पुलिस यदि आवश्यक समझेगी तो दोबारा कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है.

Ram Mandir Theft Case:पुलिस ने इस बार कस्टडी रिमांड क्यों नहीं मांगी?

जानकारी के अनुसार,आरोपियों को पहले की सुनवाई में पुलिस रिमांड मिल चुकी थी और उनसे पूछताछ की जा चुकी है. जांच के मौजूदा चरण में पुलिस ने नई रिमांड अर्जी दाखिल नहीं की. न्यायिक प्रक्रिया के तहत अब सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे, इस बीच  पुलिस साक्ष्य जुटाने और जांच आगे बढ़ाने का काम जारी रखेगी.

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां आरोपियों के परिवारों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर रही हैं. साथ ही वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है.

SIT रिपोर्ट और CCTV फुटेज बने जांच का आधार

मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है. प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. आरोप है कि मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त नकदी और सोना-चांदी की गिनती एवं बैंक में जमा करने की प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं हुईं.

कौन हैं मामले के आठ आरोपी?

मामले में नामजद सभी आरोपी मंदिर में चढ़ावे की गिनती, संग्रहण या बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़े बताए गए हैं.

  • रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव – चंपत राय के ड्राइवर, मुख्य आरोपी के रूप में जांच के दायरे में।

  • अनुकल्प मिश्रा – ट्रस्ट पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार।

  • लवकुश मिश्रा – चढ़ावे की गिनती के कार्य से जुड़े।

  • अविनाश शुक्ला

  • मनीष कुमार यादव

  • करुणेश पांडेय

  • रमा शंकर मिश्र

  • सुभाष श्रीवास्तव – सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी, गिनती प्रभारी।

जेल में रहते हुए भी जारी रहेगी जांच

हालांकि सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, लेकिन इससे जांच प्रभावित नहीं होगी. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे की सुनवाई में आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गड़बड़ी में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं.

13 जुलाई की सुनवाई पर रहेगी नजर

अब पूरे मामले की निगाहें 13 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि तब तक पुलिस कई अहम साक्ष्य जुटाकर अदालत के समक्ष अपनी अगली कार्रवाई का रोडमैप पेश कर सकती है. वहीं, आरोपियों की ओर से भी जमानत या अन्य कानूनी राहत के लिए आवेदन किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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