Bharat Tiwari fake Encounte भोजपुर/पटना: भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर मामले की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग के अध्यक्ष और पटना हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा गुरुवार को खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे. 16 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए युवक भारत भूषण तिवारी के मामले ने पूरे सूबे की सियासत को गरमा दिया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जस्टिस सिन्हा ने बिलौटी गांव का दौरा किया, घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए.
Bharat Tiwari fake Encounte : जस्टिस सिन्हा ने खंगाले सबूत
शुक्रवार को बिलौटी गांव पहुंचे न्यायिक आयोग के अध्यक्ष जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने उस जगह का मुआयना किया, जहां 16 जून की रात इस कथित मुठभेड़ को अंजाम दिया गया था। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और घटना के चश्मदीदों से भी बातचीत की, ताकि उस रात की कड़ियों को जोड़ा जा सके। इसके बाद वे मृतक भारत भूषण तिवारी के घर गए और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका रो-रोकर बुरा हाल देख ढांढस बंधाया। आयोग ने परिवार के सदस्यों का आधिकारिक बयान दर्ज कर लिया है, जिसे जांच रिपोर्ट का मुख्य हिस्सा बनाया जाएगा।
नीतीश-सम्राट सरकार पर था विपक्ष और जन सुराज का भारी दबाव
16 जून को हुई इस घटना के बाद से ही भोजपुर पुलिस के दावों पर लगातार सवाल उठ रहे थे। मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ पार्टी ने इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर ‘फेक एनकाउंटर’ और पुलिसिया बर्बरता करार दिया था। चौतरफा चौतरफा घिरने के बाद, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में इस मामले की न्यायिक जांच कराने का बड़ा फैसला लिया गया था, जिसके बाद जस्टिस वी.के. सिन्हा के नेतृत्व में इस आयोग का गठन हुआ।
5 पुलिसकर्मियों पर पहले ही गिर चुकी है गाज
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पहले ही बैकफुट पर है। शुरुआती जांच और जनाक्रोश के बाद, घटना में शामिल 5 पुलिसकर्मियों पर पहले ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है और उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। हालांकि, पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर जेल भेजा जाए।
क्या था पूरा मामला?
बीती 16 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस ने एक मुठभेड़ का दावा किया था, जिसमें भारत भूषण तिवारी नाम के युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई बताया था, लेकिन मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने भारत भूषण को घेरकर बेहद करीब से गोली मारी है और इसे एनकाउंटर का रूप दे दिया।
अब जब पटना हाई कोर्ट के पूर्व जज खुद इस मामले की तहकीकात के लिए मैदान में उतर चुके हैं, तो उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द इस कथित फेक एनकाउंटर का पूरा सच जनता के सामने आ जाएगा।

