युद्ध टला पर बाजार में भूचाल! Elon Musk के डूबे अरबों डॉलर, भारत में भी हाहाकार

Global Market Crash:अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने के समझौते से दुनिया ने राहत की सांस ही ली थी कि वैश्विक बाजारों पर एक नया संकट मंडराने लगा है. इस नए आर्थिक संकट ने न सिर्फ दुनिया भर के शेयर बाजारों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को भी अब तक की सबसे तगड़ी आर्थिक चोट पहुंचाई है. हफ्ते के पहले ही दिन अमेरिकी बाजार में मचे हाहाकार की लपटें भारत सहित पूरी दुनिया के बाजारों तक पहुंच गईं.

Global Market Crash:US Fed के एक फैसले से ‘भूचाल’

दरअसल, अमेरिका में जॉब डेटा के मजबूत आंकड़े आते ही फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) का रुख पूरी तरह बदल गया है. कुछ दिनों पहले तक बाजार जहां ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहा था, वहीं मजबूत जॉब डेटा और बढ़ती महंगाई को देखते हुए फेड ने साफ कर दिया है कि फिलहाल कटौती की कोई उम्मीद नहीं है. उल्टा, इस साल एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं.

फेड फंड्स फ्यूचर्स के मुताबिक, सितंबर तक रेट हाइक (ब्याज दर बढ़ने) की संभावना 80% से अधिक हो चुकी है. इस फैसले के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड्स में लगाना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया है.

करेंसी मार्केट पर दबाव: फेड के इस कड़े रुख के कारण अमेरिकी डॉलर बेहद मजबूत हो गया है, जिससे जापान की करेंसी ‘येन’ संकट में आ गई है। इसके साथ ही यूरोप और ब्रिटेन की करेंसी पर भी भारी दबाव देखा जा रहा है।

#SpaceX के शेयर गिरे,Elon Musk के $152 बिलियन स्वाहा

एक तरफ जहां फेड के फैसले से बाजार सहमा हुआ था, वहीं एलॉन मस्क की कंपनी SpaceX के शेयरों में आई भारी गिरावट ने आग में घी डालने का काम किया. पिछले हफ्ते ही लिस्ट हुई SpaceX के शेयर 16 जून को रिकॉर्ड $225 पर पहुंच गए थे, जो मंगलवार को शुरुआती कारोबार में फिसलकर महज $147 के करीब आ गए.

हफ्तेभर में ही कंपनी का एक-तिहाई मार्केट कैप साफ हो गया और महज एक दिन में एलॉन मस्क की नेटवर्थ 152 अरब डॉलर घट गई.

 क्यों डूबे SpaceX के शेयर?

  • बड़ा सौदा और इक्विटी डाइल्यूशन: लिस्टिंग के तुरंत बाद स्पेसएक्स ने AI कोडिंग स्टार्टअप Cursor को 60 अरब डॉलर के ऑल-स्टॉक सौदे में खरीदने का ऐलान किया, जिससे इक्विटी डाइल्यूट हो गई.

  • कर्ज का बोझ: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी $20 अरब का बॉन्ड जारी कर कर्ज जुटाने की तैयारी में है।

  • xAI का घाटा: वित्तीय दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि मस्क की सहयोगी कंपनी xAI भारी ऑपरेटिंग लॉस (घाटे) का सामना कर रही है। इसके बाद शॉर्ट-सेलर्स ने हाई वैल्यूएशन पर सवाल उठाते हुए भारी मुनाफावसूली की।

दक्षिण कोरिया का बाजार लहूलुहान, लगा 10% का लोअर सर्किट

SpaceX और टेक शेयरों में मचे इस हाहाकार का सबसे बुरा असर मंगलवार सुबह दक्षिण कोरिया के बाजार पर दिखा. दक्षिण कोरिया का मुख्य इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) 10% तक टूट गया, जिससे वहां लोअर सर्किट लगाना पड़ा. बाजार को संभालने के लिए एक्सचेंज को पहले ‘साइडकार’ और फिर लेवल-1 ‘सर्किट ब्रेकर’ लागू कर ट्रेडिंग रोकनी पड़ी.

बता दें कि कोस्पी इंडेक्स का आधा हिस्सा सेमीकंडक्टर और टेक शेयरों पर निर्भर है. विदेशी निवेशकों ने एक ही दिन में 4 ट्रिलियन वॉन से अधिक के शेयर बेच डाले, जिससे दिग्गज चिप निर्माता कंपनी Samsung Electronics और SK Hynix के शेयर औंधे मुंह गिर पड़े.

भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा तगड़ा असर

एशियाई बाजारों में मचे इस हाहाकार का असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर भी साफ दिखाई दिया. पिछले हफ्ते आईटी दिग्गज Accenture द्वारा कमजोर रेवेन्यू गाइडेंस दिए जाने से भारतीय आईटी सेक्टर पहले ही दबाव में था, और इस वैश्विक संकट ने बिकवाली को और बढ़ा दिया.

नैस्डैक और कोस्पी की तर्ज पर भारतीय आईटी और ग्रोथ शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. जानकारों का मानना है कि ऊंची ब्याज दरें हमेशा आईटी कंपनियों के भविष्य के मुनाफे की वैल्यू को कम करती हैं, जिससे बाजार में FII (विदेशी निवेशकों) की बिकवाली का डर और ज्यादा गहरा गया है.

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