Hemkund Sahib clash देहरादून : उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा बयान जारी किया है. सरकार ने इस पूरी घटना में किसी भी तरह के ‘सांप्रदायिक एंगल’ (Communal Angle) होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है. सरकार का कहना है कि इस मामले को धार्मिक विवाद के रूप में बिल्कुल नहीं देखा जाना चाहिए.
The Uttarakhand Government said the Hemkund Sahib Yatra incident should not be given a communal angle, calling it a dispute and emotional outburst. It ordered a fair probe, warned against misinformation, strengthened grievance systems, and assured strict action against those… pic.twitter.com/KIlhinxVBy
— IANS (@ians_india) June 20, 2026
Hemkund Sahib clash:सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सख्त लहजे में संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि जो लोग भी इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं या सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
“यह घटना दो पक्षों के बीच आपसी मतभेद और मामूली विवाद के कारण हुई है। इसमें किसी भी प्रकार का कोई धार्मिक कोण नहीं है। उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत हमेशा से शांति और आपसी सम्मान की रही है और सरकार धर्म के नाम पर माहौल बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं देगी।” – शैलेश बगोली, गृह सचिव (उत्तराखंड)
आईजी को निष्पक्ष जांच के निर्देश
गृह सचिव ने बताया कि गढ़वाल के इंस्पेक्टर जनरल (IG) को इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. साथ ही, एडिशनल डायरेक्टर जनरल (लॉ एंड ऑर्डर) से भी इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है. सरकार ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.
तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों से संयम की अपील
प्रशासन ने सभी तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है. गृह सचिव ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और पुलिस बल हर नागरिक और सैलानी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. किसी भी विवाद की स्थिति में लोग कानून हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस से मदद लें.
आखिर क्यों उपजा था यह विवाद?
यह पूरा विवाद 16 जून को शुरू हुआ था। जानकारी के मुताबिक, श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेककर वापस लौट रहे कुछ निहंग सिखों की कर्णप्रयाग बाजार में कार पार्किंग को लेकर स्थानीय दुकानदारों से मामूली कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई, जिसमें कथित तौर पर तलवार के हमले से चार स्थानीय लोग घायल हो गए।
पुलिस ने 4 लोगों को किया गिरफ्तार, स्थिति नियंत्रण में
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले में संलिप्त चार सिख यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया था। घायलों में से एक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एयर एंबुलेंस के जरिए देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य तीन घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
बता दें कि चमोली का कर्णप्रयाग क्षेत्र हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ यात्रा का एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां वर्तमान में यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
Another angle of the Karnaprayag clash appears to show sharp swords being used while others were engaged in a physical fight with their hands.
Respect for faith and religious traditions is non-negotiable. But that cannot prevent a serious discussion about carrying sharp weapons… https://t.co/cy0Eyg3r9y pic.twitter.com/N7US5mDAXI
— Kumaon Jagran (@KumaonJagran) June 16, 2026

